चारों लोगों के हमले में मारे गए शत्रुघ्न उड़ीसा से 10 साल पहले दोराहा में आया था। वहीं, इसी अहाते में काफी समय से काम कर रहा था। उसकी जान पहचान आसपास के गांवों के लोगों से हो गई थी।
इसी पहचान का हवाला देकर चारों आरोपियों ने उससे शराब मांगी थी। शत्रुघ्न ने भी एक बार चारों को पास के ठेके से लाकर शराब उपलब्ध भी करवा दी। लेकिन थोड़ी देर बाद वह चारों फिर मौके पर आ गए औरर एक बोतल औरशराब की मांग करने लगे।
लेकिन देर रात हो जाने पर शत्रुघ्न ने मना किया तो उसे पास के खेतों में लेजाकर पीट पीट कर मार डाला। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि शराब के ठेके पर चार लोग शराब लेने आए थे, जिन्होंने अहाते के कारिंदे से शराब की मांग की।
बार बार कहने पर थोड़ी दूरी पर ही स्थित एक शराब के ठेके से कारिंदे ने शारब लाकर दी थी। लेकिन थोड़ी देर बाद वह चारों मौके पर आकर दोबारा से शराब की मांग करने लगे। जब ठेके के कारिंदे औरअहाते के कारिंदे ने शराब की बोतल देने से मना किया तो लोगों ने कारिंदे को पीट पीट कर मार डाला जबकि शराब ठेके के कारिंदे ने भागकर जान बचाई।
जबकि पुलिस की कहानी में अहाते के कारिंदे पर 11 बजे के करीब पीटकर मारा गया है। अब यह तो जांच का विषय है कि लोगों की बात पर कितनी सच्चाई है, लेकिन अगर अहाते के कारिंदे ने लोगों को एक बार शराब की बोतल लाकर दी थी तो वह किस ठेके से आई थी।
क्योंकि ठेकेदार तो ठेकों को शाम 6 बजे बंद करने की बात कह रहे हैं। वहीं लोक इन्साफ़ पार्टी के मनिंदर सिंह ग्यासपुरा ने आरोपियों के सत्ताधारी पार्टी के साथ जुड़े होने का आरोप लगाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच करवाने की बात कही है।
उधर, गर्चा ग्रुप के ठेकेदार अमन गर्चा ने कहा कि उनके ठेके शाम 6 बजे बंद हो जाते हैं, इसके बाद कोई भी ठेका नहीं खुलता। घटनास्थल पर शराब व पानी की बोतल गिरी पड़ी मिली।
मौके पर पहुंची फिंगर एक्सपर्ट टीम के इंचार्ज पवनदीप सिंह व उनकी टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं। मर्डर कांड में चारों के अलावा कोई अोर तो शामिल नहीं था, पुलिस इसकी बारिकी से जांच कर रही है।
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May 29, 2020 at 05:00AM
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