लिक्कर माफिया, रेत माफिया के बाद अब सूबे में बीज माफिया सक्रिय होता दिख रहा है। लुधियाना स्थित एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की अप्रूवल के बिना सूबे में बड़े स्तर पर धान का आरएन 128-129 बीज किसानों तक पहुंच गया है। इससे सूबे में बड़े स्तर पर बीज घोटाला सामने आया है।
घोटाले मेंकाफी लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसलिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों के साथ बैठक कर केवल लुधियाना में दर्ज मामले के साथ अब पूरे राज्य में बिकने वाले सीडज की जांच करने के आदेश दिए हैं।
सीएम ने विजिलेंस अधिकारियों को आदेश दिए कि जहां भी घटिया या नकली सीड बेचने वाली फर्मों का पता चलता है, उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। बैठक के बाद विजिलेंस ने घटिया बीज बेचने वाली फर्मों की जांच के लिए 7 टीमों का गठन किया है। यह टीमें माझा, मालवा व दोआबा में दबिश देगीं।
मालवा बेल्ट की जांच के लिए 3, जबकि दोआबा व माझा के लिए दो-दो टीमें होंगी। सभी टीमों का नेतृत्व एआईजी स्तर के अधिकारी करेंगे। यह टीमों घटिया सीड्स के साथ साथ पेस्टीसाइड का भी जांच करेंगी।
कृषि विशेषज्ञ बोले : इस बीज से किसानों को काफी नुकसान होगा
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि घटिया धान के सीडज से किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि यह बीज उतना उत्पादन नहीं देगा, जितनी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी अप्रूव अन्य बीज देती है। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी होगी। सरकार को भी वह धान उपलब्ध नहीं होगा जिसकी देश-विदेश में डिमांड है।
भाजपा किसान मोर्चा ने जांच को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
भाजपा किसान मोर्चा ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई से कराएं। इस घोटाले में शामिल लोगों की 15 दिन बीतने के बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जिससे लगता है कि सरकार घोटाला करने वालों के सबूत मिटाने की काेशिश में है।
विजिलेंस से जांच करवा सरकार आरोपी को बचा रही
सुखबीर ने कहा कि सरकार इस केस की विजिलेंस से जांच करवा मामले पर पर्दा डालने के प्रयास में है। विजिलेंस ब्यूरो से कैबिनेट मंत्री रंधावा के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, जो इस केस के मुख्य आरोपी को संरक्षण दे रहे हैं।
रंधावा खुद कंपनी करनाल एग्री सीडज के एक बेनामी सहयोगी होने के आरोपी हैं। इस कंपनी मालिक लक्की ढिल्लों ने ब्रीडर बीजों पीआर-128 तथा पीआर-129 का नकली उत्पादन करके बड़ा बीज घोटाला किया है।
किसानों को वित्तीय मुआवजा दे सरकार
करोड़ों के बीज घोटाले के लिए जिम्मेदार सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए। मामले की जांच विजिलेंस ब्यूरो से नहीं बल्कि किसी सीबीआई या हाईकोर्ट की निगरानी में हाेनी चाहिए। तभी किसानों को इंसाफ मिल सकता हैै। जिन किसानों को ठगा गया है, उनकी जिलावार पहचान करके उन्हें वित्तीय मुआवजा दिया जाना चाहिए।
- सुखबीर बादल, शिअद अध्यक्ष
घोटाले के आरोपी नेताओं पर हो कार्रवाई
किसानों के साथ हमेशा घटिया बीज को लेकर खिलवाड़ होता आया है। अकाली-भाजपा सरकार के दौरान सब्सिडी बीज घोटाला हुआ था। उस मामले की भी अभी तक कोई जांच नहीं हो पाई। अब कांग्रेस सरकार के दौरान घटिया बीज का इस्तेमाल किया गया। जबकि इसकी सरकार के कई नेताओं और मंत्रियों को जानकारी थी। सरकार मामले की विजिलेंस से नहीं सीबीआई से जांच कराए।
- हरपाल चीमा,विपक्ष नेता
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May 30, 2020 at 05:30AM
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