सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड से वंचित लोगों के लिए बनाए गए डिस्ट्रेस राशन टोकन में बड़ी खामियां मिली हैं। ऐसे कुल 1285 लोगों की सूची बनी है। सूची में शामिल लोगों के नाम, पते और मोबाइल फोन गलत लिखे गए हैं। इसके चलते लोगों की पहचान नहीं हो पा रही।
सूची तैयार करने के लिए सर्वे नगर परिषद की तरफ से करवाया गया। लॉकडाउन में मदद के रूप में प्रति व्यक्ति पांच किलो गेहूं व प्रति कार्ड एक किलो चना दाल के लिए जरूरतमंदों की सूची में शामिल 1285 परिवारों की एक सूची शहर में आई है। सूची को नगर परिषद के द्वारा संबंधित पार्षदों व डिपो होल्डरों के पास भेज दिया गया है। डिस्ट्रेस राशन टोकन देने की ड्यूटी पार्षदों की लगाई गई है। उन्हें यह लिस्ट सौंपी गई। पार्षदों द्वारा जब सूची में आए नामों के फोन नंबर पर फोन किया तो अधिकांश ने अपने-अपने पते गलत बताए।
कुछ लोगों ने रामायण, खरड़ के पते बताए। लेकिन कुछ ने तो हिसार, सिवानी, रोहतक जैसे पते बता दिए। वहीं कई लोगों के मोबाइल नंबर गलत मिले तो किसी का नाम गलत मिला। जिससे लोगों की मैपिंग नहीं हो सकी। इस पर अब लोगों को परेशानी हो रही है। जिन लोगों के नाम पते सही मिले हैं राशन टोकन में पूरे परिवार के सदस्यों की जगह केवल एक नाम लिखा है। एक नाम होने पर केवल परिवार के एक ही व्यक्ति को राशन मिलेगा। लिस्ट में खामियां होने पर पार्षदों ने नगर परिषद के अधिकारियों को इसकीसूचना दी। अधिकारियों द्वारा इसकी जांच करवाए जाने की बात कही जा रही है।
कोविड-19 की आपदा की घड़ी में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे, इसके लिए सरकार डिस्ट्रेस राशन कार्ड बनाने की योजना लागू की थी। प्रवासी मजदूरों समेत गरीब व जरूरतमंद परिवारों को फूड सप्लाई विभाग द्वारा मई व जून के लिए फ्री में राशन वितरण किया जाना है। इसके लिए विभाग द्वारा डिस्ट्रेस राशन टोकन दिए जा रहे हैं। टोकन धारकों को 5 किलो गेहूं प्रति सदस्य व एक किलोग्राम दाल मुफ्त मिल रही है।
100 नाम दिए थे 62 ही सूची में मिले, 12 टोकन ही बंट पाए : पार्षद प्रतिनिधि
मैंने 100 नाम दिए थे। उसमें से 62 लोगों की सूची मिली है। जो सूची आई है उसमें भी किसी का मोबाइल नंबर गलत है तो किसी का पता गलत है। मैंने टोकन देने के लिए फोन किया तो किसी ने बताया कि वह रामायण से बोल रहे हैं, किसी ने कहा खरड़ से बोल रहे हैं। ऐसे में सिर्फ 10-12 टोकन ही बंट पाए हैं। इसके लेकर परिषद के अधिकारियों को सूचना दे दी है।-सुनील सैनी, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 3
एक्सईएन ने कराया था सर्वे, वही कमियां दूर कराएंगे : ईओ
^सूची में खामियों को लेकर मेरे पास जानकारी आई थी। इसके लिए नगर परिषद के एक्सईएन द्वारा सर्वे करवाया गया था। राशन टोकन के सर्वे की जिम्मेदारी उन्हीं की थी। एक्सईएन से बात हो गई है। वह इन कमियों को दूर करवाएंगे।
-अपूर्व चौधरी, ईओ, नगर परिषद।
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दैनिक भास्कर,,1733
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