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Sunday, May 3, 2020

नौकरी-मुआवजा दिए बगैर किए जा रहे खनन कार्य पर ग्रामीणों ने जताया विरोध

सीसीएल की मगध कोल परियोजना के अधिकारियों ने बुधवार को चमातू गांव में रैयती जमीन पर जबरन कोयला खनन कार्य करना चाहा। इसका ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया। जमीन के अभाव में 16 अप्रैल से बंद पड़े एशिया के सबसे बड़े प्रोजेक्ट मगध परियोजना में एक बार फिर सीसीएल कर्मी जबरन खुदाई करने के लिए पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हमलोगों को नौकरी मुआवजा नहीं मिलेगा, हम जमीन नहीं देंगे। सीसीएल जब से चालू हुआ है, हमलोगों को सिर्फ झूठा आश्वासन देते आ रही है।
हमलोगों के रैयती भू-खंड पर लगे हजारों इमारती पेड़ों को मशीन से काट दिया गया है। खेतों में बने कुआं-तालाब को भी ढंक दिया गया है। अभी तक इसका मुआवजा भी नहीं मिला है। मगध कोल परियोजना के अधिकारियों से कितनी बार मुलाकात की, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। रैयतों ने नौकरी-मुआवजा दिए बिना खनन का कार्य नहीं करने के लिए सीसीएल अधिकारी सहित अंचल अधिकारी रवि कुमार एवं बालूमाथ थाना को आवेदन दिया है, लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन भी उनके आवेदन पर कोई तत्परता नहीं दिखा रही है। इधर, रैयतों ने बताया कि चमातू में गुड़वा देवी खाता संख्या 20 तथा प्लाॅट संख्या 2114, गंदौरी साव खाता संख्या 19, 20 प्लाॅट 2102, सहदेव साव, खाता संख्या-191, प्लॉट-2106, बढ़न साव खाता संख्या-110, प्लॉट-2132, धनु साव खाता संख्या-72, प्लॉट-2077, टिमन कुम्हार खाता संख्या-104, प्लॉट-2124 समेत कई रैयतों का भू-खंड रैयती है, जिसपर सीसीएल कार्य करना चाहती है। ग्रामीणों ने जिले के उपायुक्त से मांग करते हुए कहा है कि हमलोगों की जमीन का मुआवजा व नौकरी शीघ्र दिलाया जाए, उसके बाद ही खनन कार्य शुरू कराया जाए।



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May 03, 2020 at 05:08AM

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