मार्च से लगे लॉकडाउन के चलते रेलवे की तरफ से पटियाला के लिए कोई भी ट्रेन का संचालन हीं हुआ। जिसका असर रेलवे के रेवेन्यू के साथ साथ यात्रियों पर भी पड़ा है। वहीं पटियाला स्टेशन में इस बार फेस्टिवल सीजन को देखते हुए तीन स्पेशल ट्रेनों चलाने का ऐलान किया था, लेकिन किसान आन्दोलन के चलते एक भी ट्रेन पटियाला से नहीं गुजरी, इसके पहले कोरोना के चलते भी कोई सवारी ट्रेन नहीं गुजरी।
वहीं फेस्टिवल सीजन को देखते हुए अब लोग पंजाब के बजाह हरियाणा के रेलवे स्टेशनों से टिकट की बुकिंग करवा रहे है। वहीं पटियाला मे पिचले 6 महीने में करीब 10 लाख लोगों ने ट्रेन की यात्री नहीं की। लॉकडाउन के पहले रोजाना पटियाला से 5 हजार यात्री यात्रा करते थे। जबकि इन यात्रियों से रोजाना करीब 2 लाख का रेवेन्यू इकट्ठा होता था। बात की जाए 6 महीने के रेवेन्यू का तो करीब 4 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इसके अलावा एक अक्टूबर से किसान रेलवे ट्रैक बंद किए हुए है जिसके चलते पटियाला से अनाज दूसरे स्टेट में नहीं जा पा रहा है। जिसके चलते 27 मालगाड़ियां कैंसिल हो चुकी है। पटियाला जिले से करीब 7 लाख मैट्रिक टन अनाज दूसरे स्टेटे नहीं जा सका, जिससे करोड़ो का नुकसान रेलवे को हुआ।
फेस्टिवल सीजन में 3 स्पेशल ट्रेनें भी सस्पेंड की
फेस्टिवल सीजन को देखते हुए पटियाला से तीन स्पेशल ट्रेनें गुजरनी थी और रेलवे ने सिड्यूल भी जारी कर दिया था। लेकिन किसान आन्दोलन को देखते हुए 4 तक रेलवे ने यह ट्रेने सस्पेंड कर दी है और 4 तक की वुकिंग भी बंद कर दी है। ऐसे में अगर आपको दूसरे ट्रेन से यूपी या अन्य स्टेट जाना तो अंबाला स्टेशन से ही टिकट बुक करवाए। हलांकि रेलवे का बुकिंग काउंटर शुरू है और वहां पर टिकट की बुकिंग हो रही है। स्टेशन सुप्रिन्टेडेंट अजीत चीमा ने बताया कि अभी रेलवे ने 4 तक स्पेशल ट्रेनों को कैंसिल किया है।
हर महीने 150 एमएचटी भी नहीं बनी, लोग बस या निजी वाहन से आ रहे
लॉकडाउन के पहले पटियाला रेलवे स्टेशन से महीने में 150 एमएचटी बनवाई थी, लेकिन अब ट्रेन न चलने से यह एमएचटी सस्पेंड कर दी गई है। अब जब ट्रेने फिर से चलेगी तो एमएचटी दोबारा बनवानी पड़ेगी। वहीं ट्रेन न चलने से अब यात्रियों को बसो से और अपने निजी वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है।
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October 28, 2020 at 05:13AM
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