नार्थ वेस्ट डिस्ट्रिक के साइबर सेल ने ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले तीन लोगों को अरेस्ट किया है। आरोपियों ने पहले बैंक कर्मी बनकर पीड़ित से फोन पर बात की, फिर उसके मोबाइल पर एक एप डाउनलोड कर मोबाइल को खुद से ऑपरेट कर रकम इधर से उधर कर दी।
पुलिस ने बताया त्रिनगर निवासी पीड़ित अंकुर ने इस मामले की शिकायत पुलिस को दी थी। पीड़ित ने बताया वह ट्रेवल एजेंसी चलाता है। 28 सितंबर को उसके पास एक कॉल आया। जिसमें उसके डेबिट कार्ड पर प्वाइंट मिलने की बात कही गई। इसे लेकर उसे कहा गया कि वह प्ले-स्टोर से टीम व्यू वीवर अप्लीकेशन डाउनलोड कर ले।
उससे एप का आईडी नंबर और बैंक के डेबिट कार्ड का नंबर ले लिया। इसके बाद उसके बैंक अकाउंट से 4656 रुपए कट गए। मामले की शिकायत केशवपुरम थाने में दी गई, जिस पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया। साइबर सेल ने मामले की जांच शुरु की। पुलिस ने उस बैंक अकाउंट की जानकारी हासिल की जिसमें रुपए आए थे। यह अकाउंट आनंद विहार निवासी नारायण के नाम पर था।
मोबाइल टेक्नीकल सर्विलांस से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने मोबाइल टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से आरोपियों के बारे में जानकारी जुटायी, फिर सेवक राम द्वारका मोड उत्तम नगर में एक पते पर रेड डाल तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। इनकी पहचान मोहन गार्डन निवासी दीपू कुमार, निर्मल राज व सुनील को अरेस्ट कर लिया।
इनसे दो मोबाइल भी जब्त किए गए, जिसके जरिए पीड़ित को कॉल किया गया था। पुलिस ने मामले में एक लैपटॉप भी बरामद किया है। आरोपी पीड़ित लोगों के पास बैंक प्रतिनिधि बनकर कॉल करते थे। उन्हें डेबिट क्रेडिट कार्ड पर रिवार्ड प्वाइंट्स मिलने का लालच दिया जाता था।
इसके बाद उनसे गूगल प्ले स्टोर पर टीम व्यू वीवर व एनीडेस्क एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा जाता था। ऐसा करने के बाद आरोपी खुद ही पीड़ित के मोबाइल को चला ओटीपी और अन्य गोपनीयता जानकारी हासिल कर रुपए फर्जी अकाउंट में ट्रांसफर कर लेते थे।
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October 02, 2020 at 04:49AM
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