केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए कृषि कानूनाें के विरोध में किसानों का गुस्सा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। शनिवार को रेलवे ट्रैक पर कृषि कानून के विरोध में धरने पर बैठे किसानों ने देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविद व पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर का पुतला फूंककर जमकर नारेबाजी की। शनिवार को किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब की अगुवाई में बस्ती टैंकावाली रेलवे ट्रैक पर एकत्रित हुए सैकड़ों किसानों ने जहां राष्ट्रपति व राज्यपाल का पुतला फूंका वहीं देश के काॅरपाेरेट घरानों के उत्पादों का मुकम्मल बॉयकाट का ऐलान किया।
वहीं शनिवार को धरने में पहुंचे नौजवानों के आगे आने को शुभ शगुन बताते हुए देश बचाओ, किसानी बचाओ व कारपाेरेट घराने भगाओ मुहिम को ओर तेज करने का आह्वान किया गया। इस दौरान किसानों को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू, इंद्रजीत सिंह बाठ, रणबीर ठठा, अमनदीप सिंह, सुरिंद्र सिंह, हरबंस सिंह, ने संवैधानिक मुखिया राष्ट्रपति व गवर्नर को कठ पुतली बनकर आर्डिनेंस पर हस्ताक्षर करने से पूर्व देश के लोगों की आवाज न सुनने की कड़े शब्दों में निंदा की।
मोदी की मंशा-राज्यों को नगर कौंसिल बनाने की
किसानों ने राज्यों को अधिक अधिकार देने, केंद्र सरकार के पास केवल 4 विभाग छोड़कर बाकी सभी विभाग प्रदेश के अधिकार क्षेत्र में देने की जोरदार मांग करते हुए कहा कि उक्त तीनों कृषि कानूनाें प्रदेश के अधिकार क्षेत्र पर हमला कर राज्यों को संविधान द्वारा दिए गए अधिकार छीनने की साजिश है। उन्होंने कहा कि राज्यों को नगर कौंसिल बनाने की मंशा है। मोदी सरकार धनाढ्य कंपनियों के समक्ष घुटने टेककर देश की विभिन्नता को खत्म कर हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है।
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October 04, 2020 at 04:00AM
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