Amazon

Monday, October 26, 2020

लेदर कांप्लेक्स के 66 केवी फीडर का लोड दो शाखाओं में बांटा, 47 लाख रुपए आया खर्च

ओवरलोड चल रहे फीडरों को पावरकॉम अब धीरे-धीरे बाइफरकेट (दो शाखाओं में बांटना) करता जा रहा है। इससे बिजली कट और ओवरलोडिंग की समस्या से लोगों को निजात मिल जाएगी। चीफ इंजीनियर जैनिंदर दानिया द्वारा एक हफ्ते में दूसरे फीडर का शुभारंभ किया गया।

47 लाख रुपए की लागत से 66 केवी लेदर कांप्लेक्स फीडर के लोड को दो शाखाओं में बांटा गया है। चीफ इंजीनियर जैनिंदर दानिया ने बताया कि ओवरलोड चल रहे फीडरों को डीलोड करने के लिए पूरे प्रयत्न किए जा रहे हैं।

जैनिंदर दानिया ने बताया कि 66 केवी मकसूदपुर सब स्टेशन से चलते 11 केवी मंड फीडर जिससे 245 अंपेयर लोड चलता है। इसकी लंबाई लगभग 30 किलोमीटर थी। इस फीडर को डीलोड करने के लिए 66 केवी लेदर कांप्लेक्स सब स्टेशन से चलते नए हेलरां फीडर से केबल खींचकर इस हेलरां और वरियाणा गांव के एपी कनेक्शनों का भार शिफ्ट किया जाएगा।

पहले चलते मंड फीडर से तलवाड़ा, संगल सोहल और मंड फीडर का एपी लोड भी चलेगा। यानी मंड फीडर से तीन गावों को सप्लाई मिलेगी, जिसमें एग्रीकल्चर लोड शामिल है। इससे पहले जमशेर खास वाले फीडर को दो शाखाओं में बांटा गया था। दोनों फीडरों पर कुल लागत 82 लाख रुपए आई है।

डिप्टी चीफ इंजीनियर हरजिंदर सिंह बंसल और डिप्टी चीफ इंजीनियर सोमनाथ माही ने कहा कि एक हफ्ते में दो फीडरों को शुरू करना बड़ी बात है। जिस जगह पर फीडर अपग्रेड किए गए हैं वहां ओवरलोड की समस्या भी कम हो जाएगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
नए फीडर का शुभारंभ करते हुए चीफ इंजीनियर जैनिंदर दानिया।

https://ift.tt/37Fh1df
October 26, 2020 at 05:18AM

No comments:

Post a Comment