कोविड के साथ ही अब डेंगू के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। निजी अस्पतालों में 20-25 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। इनमें से 12-18 मरीजों को दाखिल करने की जरूरत पड़ रही है। माहिरों के मुताबिक इस बार डेंगू का प्रकोप भी कहीं अधिक होगा। ऐसे में चिंता लगातार बढ़ रही है। वहीं, एक ही मरीज कोविड और डेंगू पॉजिटिव आने से भी इलाज में समस्या पैदा हो रही है।
जिला सेहत महकमे की ओर से जिले में अब तक 361 डेंगू पॉजिटिव केस आ चुके हैं। मगर निजी अस्पतालों में दोगुने मरीज अब तक रिपोर्ट हो चुके हैं। डेंगू से हुई मौत के बारे में सेहत महकमे ने अभी तक कोई जानकारी नहीं उपलब्ध करवाई है। ग्यासपुरा, ढंडारी खुर्द, शांति नगर जैसे इलाकों से हर साल 50-100 केेस आते हैं। इन इलाकों में जागरुकता के लिए भी प्रशासन ने कदम नहीं उठाए। लोगों के मुताबिक गलियों में पानी भी जमा रहता है।
पिछले साल नवंबर तक आए थे 897 केस
2019 में नवंबर तक 897 डेंगू के केस आए थे। हालांकि निजी अस्पतालों में 7000 से भी ज्यादा केस थे। प्रशासन का दावा है कि टीमें चेकिंग और फॉगिंग कर रही हैैं। मगर जमीनी हकीकत कुछ और है। इस लापरवाही के कारण डेंगू और कोविड का दोहरा अटैक हो सकता है।
गलियों में पानी भरा, फॉगिंग तक नहीं हुई
इलाके में काफी लोग बीमार रहे हैं। गलियों में पानी भरा है। कई में सीवरेज भी ब्लॉक है, जोकि अन्य बीमारियों को भी बुलावा दे रहा है। हमारे इलाके में फॉगिंग भी नहीं हुई और कोई सेहत महकमे की टीम भी नहीं पहुंची। -मनीश कुमार, निवासी दीप कॉलोनी
- हमारे इलाके में 7-8 गलियों में पानी भरा हुआ है, जोकि घरों के अंदर भी चला जाता है। लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। धरने भी किए जाते हैं, लेकिन सुनवाई नहीं है। -रिशी कुमार, निवासी ढंडारी
- अवेयरनेस तक नहीं फैलाई जा रही। कौंसलर भी समस्याओं का हल नहीं कर रहे और प्रवासी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। -विमल जौहरी, राम नगर, वॉर्ड 27
- अभी तक इलाके में कोई भी टीम नहीं आई है। छिड़काव तक नहीं हुआ है। पिछले साल हमारे इलाके से 2 मौतें हुई थी और केसों भी बड़ी गिनती में आए थे। लेकिन इस साल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा जिससे कि स्थिति गंभीर हो सकती है। -प्रमोद चौधरी, शांति नगर
गंभीर मरीज आ रहे
डेंगू के गंभीर मरीज पहुंच रहे हैं। प्लेटलेट्स कम और लीवर में सूजन की शिकायत के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। पेटदर्द, उल्टियों की समस्या लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। खुद ही दर्द दूर करने की दवाएं ले रहे हैं। जिसके कारण प्लेटलेट्स एकाएक कम हो जाते हैं और गंभीर स्थिति में हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ता है। ऐसा मरीज कोविड पॉजिटिव भी निकल आए तो समस्या और बढ़ जाती है। लोगों को कोविड के डर को अलग रखकर जल्द हॉस्पिटल जाना चाहिए। - डॉ.धीरज अग्रवाल, डायरेक्टर एशियन मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पताल
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October 04, 2020 at 04:39AM
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