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Sunday, October 4, 2020

आराधना ऑनलाइन, सोशल डिस्टेंसिंग से होंगे मां के दर्शन; इस साल मंदिरों में सादगी पूर्ण तरीके से होंगे धार्मिक आयोजन

(मनप्रीत कौर) त्योहारों के उल्लास का महीना आ गया। 17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रों का शुभारंभ हो रहा है। फिर दशहरा-दिवाली। इस साल त्योहारों पर कोरोना का साया है। नवरात्र के लिए शहर के मंदिर भी तैयार हैं। बाकायदा कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए, लोगों की सेफ्टी का ध्यान रखते हुए। शहर के तमाम मंदिर ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों की आस्था पर फर्क न आए इसलिए ऑनलाइन पूजा-अर्चना की व्यवस्था की जा रही है।

सबकुछ करीब करीब वैसे ही है, बस इस बार बड़े बड़े समारोह सादगी पूर्ण तरीके से होंगे। एहतियात के तौर पर इस बार भंडारे, कन्या पूजन, विशाल चौकी जैसे आयोजन नहीं होंगे। मंदिरों में भक्तों को बैठने की अनुमति नहीं होगी। दरअसल, श्राद्ध खत्म होते ही अगले दिन से नवरात्र शुरू हो जाते हैं। लोग अपने घरों में कलश स्थापना करते हैं। इस साल 18 सितंबर को अधिमास लग गया। यह 16 अक्टूबर तक चलेगा, इसलिए त्योहार एक माह देरी से शुरू हो रहे हैं। राम नवमी 24 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

नवरात्र के लिए शहर के मंदिरों में कहां क्या तैयारी
सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कराएंंगे दर्शन

इस बार कोरोना प्रकोप की वजह से मंदिर में बड़े आयोजन नहीं किए जाएंगे। 851 कन्याओं का पूजन पूरे विधि विधान से करते थे, जिसमें लंगर के बाद उपहार भी दिए जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया जाएगा। कोरोना काल में ऑनलाइन चौकी की शुरुआत की गई थी, जो आज भी जारी है। नवरात्र में भी नौ दिन ऑनलाइन चौकी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मां का गुणगान किया जाएगा। कोरोना महामारी से बचाव अति आवश्यक है भक्तों को रिस्क में नहीं डाल सकते। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शन करवाए जाएंगे। -अशोक जैन, प्रधान बाला जी मंदिर हैबोवाल

पुराने सिस्टम के साथ होगी चौकी

नवरात्र के उपलक्ष्य में करीब 15 सालों से मंदिर में डांडिया समारोह करवाया जाता रहा है। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह समारोह फिलहाल रद्द कर दिया गया है। पहले की तरह पार्टियों के साथ विशाल चौकियां नहीं होंगी, बल्कि पुराने सिस्टम के साथ जैसे ढोलकी, बाजा, मंजीरों के साथ सादगी से चौकी का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा नवरात्र में सीमित भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा और दर्शन कर बैठने की अनुमति नहीं होगी। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ एक-एक कर भक्तों को दर्शन कर वापस लौटना होगा। -प्रदीप ढल, जनरल सेक्रेटरी, श्री गीता माता मंदिर, विकास नगर

भक्तों की भीड़ एकत्र नहीं होने दी जाएगी

कोरोना संक्रमण को देखते हुए नवरात्र पर भक्तों की भीड़ एकत्र नहीं होने दी जाएगी। रस्सियां बांधकर सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जाएगा। 10 अक्टूबर के बाद फाइनल मीटिंग होगी, जिसमें आयोजन की पूरी योजना बना ली जाएगी। मां भगवती से प्रार्थना है कि महामारी को खत्म कर सभी के जीवन में सुख समृद्धि लेकर आए। -पं. हरिमोहन शर्मा, दुर्गा माता मंदिर, जगराओं पुल



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Worship online, social distancing will see mother; This year, religious ceremonies will be done in full simplicity in temples

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October 04, 2020 at 04:33AM

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