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Thursday, May 21, 2020

एक बेटा कोविड-19 पॉजिटिव, दूसरा क्वारैंटाइन और तीसरा शहर के बाहर, दामाद ने किया 66 साल की महिला का अंतिम संस्कार

(प्रभमीत सिंह)
कोरोनावायरस से संक्रमित और किडनी रोगी बस्ती शेख की रहने वाली 66 साल की महिला की मौत के बाद जिले में कोरोनावायरस से सातवीं मौत हो गई है। वहीं बुधवार को कोरोनावायरस के 3 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। सेहत विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक आदमपुर के रहने वाले दुबई से लौटे 26 साल के युवक के अलावा करोल बाग के रहने वाले 49 साल के आरपीएफ जवान और रायपुर फिल्लौर के रहने वाले 50 साल के व्यक्ति को कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही बुधवार को जिले में कोरोनावायरस के संक्रमित मरीजों की गिनती 217 पर पहुंच गई है।

बुधवार को बस्ती शेख की महिला के संस्कार को लेकर सेहत विभाग की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सेहत विभाग की तरफ से घास मंडी स्थित शिवपुरी में अंतिम संस्कार के लिए 4 बजे का समय निर्धारित किया गया था लेकिन महिला के पारिवारिक सदस्यों में से महिला का शव लेने के लिए कोई नहीं पहुंचा था। इसके बाद सेहत विभाग ने पारिवारिक सदस्यों के साथ तालमेल कर महिला का संस्कार 5:30 बजे घास मंडी में करवाया।

दरअसल, मृतक बुजुर्ग महिला एक बेटा संक्रमित, दूसरा क्वारेंटाइन, तीसरा शहर से बाहर है। ऐसे में नाती ने कंधा और दामाद ने मुखाग्नि दी। इस मौके सेहत विभाग की टीम के अलावा इलाके की आशा वर्कर और पुलिस प्रशासन मौजूद रहा। संस्कार होने के बाद प्रशासन की तरफ पूरे इलाके को सैनिटाइज करवाया गया। सेहत विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को 91 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए, वहीं 168 संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।

महिला के परिजन सिविल सर्जन दफ्तर तो आए, बाद में फोन भी नहीं उठाया गया

कर्फ्यू और लॉकडाउन के बाद जहां जिला प्रशासन ने अंतिम संस्कार में 20 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी है, वहीं बस्ती शेख की रहने वाली 66 साल की किडनी रोगी महिला का संस्कार दामाद और नाती ने किया। दरअसल महिला के संक्रमित होने के बाद महिला के एक बेटे को कोरोनावायरस की पुष्टि होने के बाद उसे सिविल अस्पताल में ही आइसोलेट किया गया है। दूसरे बेटे को विभाग की तरफ से होम क्वारेंटाइन किया गया है। वहीं तीसरा बेटा राजस्थान में रहता है। हालांकि सेहत विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते बताया कि जैसे ही उन्होंने परिवार को महिला के निधन की जानकारी दी तो बुधवार सुबह 4 पारिवारिक सदस्य सिविल सर्जन दफ्तर पहुंचे और शाम को शव लेने के लिए आएंगे कहकर चले गए। इसके बाद शाम को जैसे उन लोगों से संपर्क किया गया तो किसी ने फोन नहीं उठाया इसके बाद करीब 5 बजे महिला का दामाद और नाती शव लेने के लिए पहुंचे। बता दें कि कोरोनावायरस से जिले में 7वीं मौत हुई है। लेकिन पहली बार किसी शव को कंधा देने के लिए पूरे चार लोग नहीं थे।

इधर, दुबई से लौटे युवक का पहला टेस्ट निगेटिव, लक्षण आने पर दोबारा रिपोर्ट आई पाॅजिटिव

आदमपुर के रहने वाले 26 साल के दुबई से लौटे युवक का जिले में पहुंचने पर पहले कोरोनावायरस टेस्ट किया गया था। इसमें उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। लेकिन युवक को विभाग की तरफ से डेरा ब्यास के आइसोलेशन सेंटर में क्वारेंटाइन किया गया था। जहां उसे बुखार और खांसी की दिक्कत होने के बाद उसे सिविल अस्पताल में शिफ्ट किया गया। सिविल में आने के बाद युवक के दोबारा से सैंपल लेकर लेबोरेट्री भेजे गए। बुधवार को युवक को कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। दो दिन पहले दुबई से लौटा व्यक्ति और आदमपुर का युवक एक ही फ्लाइट और एयरपोर्ट और फिर एक ही बस में लौटे थे। अब विभाग की तरफ से उस बस में बाकी लोगों के भी सैंपल लेने की प्रक्रिया दोहराई जा रही है। बता दें कि बुधवार को जिले में विदेश से लौटे तीसरे व्यक्ति को कोरोनावायरस की पुष्टि होने के बाद स्टेट सेहत विभाग की तरफ से जिले में आने वाले दिनों में विदेश से पहुंचने वाले लोगों को सही तरीके से स्क्रीनिंग के साथ क्वारेंटाइन के पीरियड्स में लगातार स्क्रीनिंग करने की हिदायतें जारी कर दी हैं। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि विदेश से लौटे अगर किसी भी व्यक्ति में कोरोनावायरस के थोड़े भी लक्षण दिखाई देते है। उन्हें उन्हें प्रभाव से सिविल अस्पताल में शिफ्ट किया जाए।



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कोरोना फैलने के बाद जालंधर में ऐसा पहली बार हुआ, जब किसी शव को कंधा देने के लिए पूरे चार लोग भी नहीं थे।

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May 21, 2020 at 05:00AM

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