कोरोना संक्रमण से अब तक पंजाब में 42 मौतें हो चुकी हैं। इनमें 7 में से 2 लोग एेसे हैं, जिनकी आयु 60 वर्ष या इससे अधिक थी। इसको देखते हुए सरकार ने बुजुर्गों की सुबह की सैर और बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने की एडवाइजरी जारी की है। 26 लाख आबादी वाले जिले में 10.9 फीसदी बुजुर्ग और 17% बच्चे हैं। ये लोग घर से न निकलें, इसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है।
अब तक जालंधर में 6 मौतें हो चुकी हैं। प्रशासन की ओर से जिलेभर के 60 वर्ष या फिर इससे अधिक आयु वाले लगभग 2.80 लाख बुजुर्ग हैं, जिनमें से 30 फीसदी यानी करीब 84 हजार लोग हार्ट, किडनी, शुगर और दमे के मरीज हैं। इसी तरह 10 साल तक के करीब 3.60 लाख बच्चों को संभावित संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए अभी लोगों को घरों से ज्यादा बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। इसके लिए जिला प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अलग अलग कमेटियां बनाई हैं। इस संदर्भ में डिप्टी कमिश्नर वीके शर्मा का कहना है कि कैप्टन सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से बच्चों और बुजुर्गों को लेकर एक विस्तृत योजना तैयार की जा रही है, जिसका जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल अभी जिला प्रशासन की ओर से बुजुर्गों और बच्चों को जागरूक करने के लिए 1675 आंगनबाड़ी वर्कर, बीएलओ सहित 7500 एनजीओ व सोशल वर्करों को लगाया गया है। ये वर्कर बुजुर्गों और बच्चों के घर-घर जाकर उनकी जानकारी ले रहे हैं और उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय घरों में रहने के लिए कह रहे हैं। इसके साथ सभी को जागरूक किया जा रहा है कि यदि किसी के घर में बुजुर्ग और बच्चे हैं तो उन्हें घर से बाहर कम से कम निकलने दें।
किडनी/कैंसर पेशेंट एहतियात रखें
जालंधर में कोरोना में दम तोड़ने वाले 6 में से 3 मरीज किडनी रोग से ग्रस्त रहे। मेडिकल स्पेशलिस्ट का कहना है कि किडनी के मरीजों को सबसे अधिक खतरा डायलिसिस करवाते समय और कैंसर के मरीजों को कीमोथैरेपी के समय रहता है। दोनों बीमारी के इलाज में शरीर में प्राकृतिक तौर पर बनने वाले एंटीजन खत्म हो जाते हैं।
बच्चे से बुजुर्गों तक में मिला संक्रमण
मंगलवार तक कोरोनावायरस की पुष्टि एक साल से लेकर 91 साल के बुजुर्ग तक में हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि इन लोगों को संक्रमण कहां से हुआ- यह जांच का विषय है। डॉ. नरेश बाठला का कहना है, मंगलवार तक कोरोना मरीजों की संख्या 188 पहुंच गई। इनमें से 90 फीसदी मरीजों को कोरोनावायरस के कोई लक्षण नहीं है।
जिनकी कोरोना से मौत हुई, उन्हें क्या थी बीमारी
पहली मौत : 59 साल के बुजुर्ग को फेफड़ों से संबंधित दिक्कत थी। जब कोरोनावायरस की पुष्टि हुई, तब वे वेंटिलेटर पर थे। फेफड़ों में पानी भरने के बाद निमोनिया की शिकायत हुई और सांस लेने में दिक्कत के बाद मौत हो गई।
दूसरी मौत : शाहकोट की 50 साल की महिला को सांस लेने में दिक्कत हुई तो अस्पताल में दाखिल करवाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक महिला हार्ट पेशेंट थी।
तीसरी मौत : 48 साल के व्यक्ति का किडनी का इलाज चल रहा था। निजी अस्पताल में ले जाया गया तो तेज बुखार और सांस की दिक्कत हुई।
चौथी मौत : 50 साल की महिला को सांस लेने में दिक्कत हुई तो सिविल अस्पताल में मौत हो गई।
पांचवी मौत : 29 साल के युवक को किडनी की बीमारी थी। वह डायलिसिस पर था।
छठी मौत : 91 साल के बुजुर्ग भी किडनी रोग से ग्रस्त थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
https://ift.tt/2ZodKLh
May 20, 2020 at 05:00AM
No comments:
Post a Comment