कोरोना वायरस महामारी से जंग में बहादुरगढ़ को जीत मिलते ही इसका सबसे अधिक असर यहां से वापस जा रहे श्रमिकों पर पड़ा है। इनमें से बड़ी संख्या में लोगों ने जाने से मना कर फैक्ट्रियों में काम शुरू कर दिया। वहीं, हजारों की संख्या में श्रमिकों के जुलाई से पहले ही वापस बहादुरगढ़ आने की जानकारी से बहादुरगढ़ उद्योग की रगो में एक बार फिर से जोश भर गया है।
बहादुरगढ़ से करीब 70 हजार प्रवासियों में 20 हजार के करीब प्रवासी अपने घर लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही चले गए थे। अन्य में दस हजार के करीब दूसरे लॉकडाउन के दौरान काम बंद होने के चलते चले गए। तीसरे व चौथे लॉकडाउन में बहादुरगढ़ में रह रहे श्रमिकों व प्रवासियों में कुछ हजार ही गए हैं।
अन्य सभी प्रवासी जो यहां रह गए उन्हें बहादुरगढ़ में फिर से काम मिलने लगा है। इसके साथ अन्य प्रदेशों व जिलों से बहादुरगढ़ दिल्ली सीमा तक आकर यहां फंसे प्रवासियों को सुरक्षित उनके घर भेजा रहा है। वे भी जुलाई तक हर हाल में वापस आने का वादा करके जा रहे हैं।
शनिवार को अपने प्रदेशों में जा रहे प्रवासियों ने जाते समय कहा कि उनके पास अब यहां काम हैं, लेकिन परिवार के लोग इंतजार कर रहे हैं। इस कारण एक बार घर होकर आना है।वहीं, दूसरे प्रदेशों में घर गए हुए प्रवासियों ने बहादुरगढ़ में फिर से आने के लिए बुकिंग कराने का शुरू किया है। इसकी जानकारी भी फैक्ट्रियों के संचालकों ने दी है। इनके ठेकेदारों के पास प्रवासियों के फोन आने लगे हैं, जो फैक्ट्रियों के लिए राहत भरी खबर है।
एसडीएम एसडीएम तरुण कुमार पावरिया ने बताया कि शनिवार को निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से बहादुरगढ़ से 73 प्रवासी लोगों को बिहार के भागलपुरी के लिए रवाना किया। भागलपुरी जाने वाले प्रवासी लोगों को रोडवेज की दो बसों में बैठाकर रोहतक रेलवे स्टेशन भेजा गया। जहां से विशेष श्रमिक ट्रेन से सभी बिहार के लिए रवाना हुए। त्रिपुरा जाने वाले 29 लोगों को एक बस में बैठाकर गुरुग्राम भेजा गया। जहां से विशेष ट्रेन से लोग त्रिपुरा के लिए रवाना हो गए।
उन्होंने बताया कि शनिवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ कलस्टर के लिए रोडवेज की 7 बसों में 245 प्रवासी श्रमिक, इटावा कलस्टर के लिए 6 बसों में 210 प्रवासी श्रमिक व बरेली कलस्टर के लिए 11 बसों में 402 प्रवासी श्रमिकों को भेजा है।
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दैनिक भास्कर,,1733
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