(कपिल सेठी)
कोरोनावायरस के खिलाफ जारी जंग में एसडीएम अमित गुप्ता बीते 58 दिनों से लगातार अपने घर परिवार से दूर रहकर कोरोना महायाेद्धा के तौर पर अहम भूमिका निभा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से कोरोना काल के दौरान तैयार किए गए प्रत्येक प्लान में एसडीएम का अहम योगदान रहा है। फिरोजपुर से करीब 85 किलोमीटर दूर सुल्तानपुर लोधी निवासी एसडीएम अमित गुप्ता के परिवार में उनके माता-पिता व उनकी पत्नी हैं जोकि प्रतिदिन केवल फोन पर उनका हालचाल ही पूछ पाते हैं। एसडीएम अमित गुप्ता की बीते वर्ष अक्टूबर माह में ही शादी हुई है जिसे अभी 7 माह ही हुए हैं।
एसडीएम गुप्ता लॉकडाउन व कर्फ्यू इंप्लीमेंट, 5 क्वारेटाइन सेंटरों की पूरी जिम्मेदारी, आइसोलेशन वार्ड के मुख्य अधिकारी, पॉजिटिव मरीजों की ट्रेसिंग, बाहरी राज्यों से आए लोगों को ट्रेस कर उनकी स्क्रीनिंग, प्रवासी मजूदरों की लिए चलाई जा रही ट्रेनों की मेनेजमेंट व कर्फ्यू ई पास के नोडल अधिकारी के तौर पर अहम भूमिका निभा रहे हैं । इसके अलावा भी वह कई प्रकार की ड्यूटियां निभा रहे हैं।
कर्फ्यू के दौरान ही गांव नूरपूर सेठां में एक ऑटो चालक के घर 17 साल बाद एक बच्चे ने जन्म लिया मगर डिलीवर के दौरान महिला की मौत हो गई। इस घटना ने एसडीएम को झकझोर कर रख दिया। एसडीएम ने उस परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए उस महिला के शव के संस्कार के अलावा अपने पूरी टीम के साथ मिलकर परिवार की आर्थिक मदद की। प्रदेश सरकार के प्रयासों से प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए चलाई जा रही ट्रेनों की मैनेजमेंट में एसडीएम का अहम योगदान है।
शनिवार को जब गाेंडा के लिए दूसरी ट्रेन रवाना होने वाली थी तो कर्मियों ने एसडीएम को जानकारी दी कि एक मजदूर का बैग जिसमें उसका सामान व पैसे हैं वह बस में छूट गया है। गुप्ता ने ट्रेन छूटने के समय को देखते हुए तुरंत अपनी निजी गाड़ी में मजदूर को बैठाकर दो कर्मियों को साथ भेजकर 20 किलोमीटर तक बस का पीछा कर मजदूर का बैग बस से दिलवाया जिसके बाद मजदूर अपनी ट्रेन में सवार होकर घर गया।
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May 18, 2020 at 05:00AM
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