माहिलपुर ब्लॉक के तहत गांव चक्क नरियाल में प्रवासी मजदूरों की 17 झुग्गियां आग से जलकर राख हो गईं। वहीं, आग की चपेट में आने से अंदर बैठा दिव्यांग खेम करन (60) निवासी उत्तर प्रदेश जिंदा जल गया। घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे की है। प्रवासी मजदूरों की करीब 30 झुग्गियों में आग पहुंच गई थी। आग का कारण चूल्हे की आग से निकली चिंगारी बताई जा रही है। शोर सुनकर आसपास के लोग भी पहुंच गए और मोटर चलाकर आग बुझाने का प्रयास किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग तेजी से भड़की और देखते ही देखते 17 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। जिस समय आग लगी, उस समय अधिकतर लोग बाहर मजदूरी के लिए गए थे और सिर्फ बच्चे व कुछ अन्य लोग ही मौजूद थे। पीड़ित प्रवासी मजदूर जोगिन्दर लाल, पन्ने लाल और होशे लाल ने बताया कि वह 60-70 लोगों के साथ पिछले काफी साल से गांव के बाहर झुग्गियों में रह रहे हैं और मजदूरी करते हैं। रविवार दोपहर ज्यादातर लोग काम के सिलसिले में बाहर थे कि अचानक आग लग गई।
बच्चों ने आग को देखकर शोर मचाया तो सभी लोग बाहर आ गए और आग को बुझाने में जुट गए। इस दौरान अफरा तफरी में झुग्गी में बैठे खेम करन (60) को बाहर निकालने का ध्यान ही नहीं रहा। जब आग पर काबू पाया गया तो उसका अंदर जला हुआ शव मिला। पीड़ित परिवारों ने बताया कि उनका झुग्गियों में अनाज व सामान जल गया।
एक झुग्गी से उठी चिंगारी ने 17 झुग्गियां जला दीं
आग की सूचना मिलते ही थाना चब्बेवाल पुलिस और दमकल विभाग होशियारपुर की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक खेम करन का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल होशियारपुर के शवगृह में रखवा दिया है। इस मौके गांव के बड़ी गिनती में लोगों ने पीड़ित प्रवासी मजदूरों को जरूरी सामान, राशन कपड़े दिए। इसकी सूचना डिप्टी कमिश्नर समेत इलाके के विधायक को दे दी गई है। नायब तहसीलदार गढ़शंकर धर्मेंद कुमार ने भी मौके का मुआयन किया। उन्होंने बताया कि पीड़ित मजदूरों को ठहराने के लिए 3 जगह व्यवस्था कर दी गई है। उनके रात के खाने का प्रबंध गांव वालों ने किया। मजदूरों का कहना था कि उन्होंने गेहूं कटाई के सीजन में उन्होंने दिन-रात मेहनत कर कुछ पैसे कमाए थे जो आग में जल गए। अब उन्हें खाने-पीने का संकट हो गया है।
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May 18, 2020 at 05:00AM
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