पावरकाॅम ने लॉकडाउन के बीच तंगहाली के शिकार लोगों को दोगुणी राशि के बिजली बिल भेजकर परेशानी में डाल दिया है। पावरकाॅम के अधिकारी बीते साल 2019 मार्च के अनुसार बनाया एवरेज बिल बता रहा है। वरकाॅम की ओर से एसएमएस से मिले अपनी खपत से कई गुणा ज्यादा राशि के बिल को देखकर परेशान उपभोक्ता बिजली दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं होने पर मजबूरन बिल भरने ही होंगे। अलग-अलग सर्कल का बिजली बिल भरने की आखिरी तारीख 19 व 20 मार्च निर्धारित है, इसके बाद इसके बाद सरचार्ज के रूप में जुर्माना अलग से देना होगा।
एक्सईएन इंजी. हरदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि शहर के 4 अलग-अलग सर्कल वाइज उपभोक्ताओं को अप्रैल के आखिरी दिनों में जबकि मई के पहले सप्ताह एवरेज बिल भेजे गए। उपभोक्ता अपनी सुविधा अनुसार अपनी बिल की जितनी राशि चाहें भर सकते हैं, बिल को अनदेखा न करें, कुछ न कुछ पेमेंट जरूर करें क्योंकि यह राशि पुरानी व नई मीटर रीडिंग के अनुसार बनने वाले अगले बिल में एडजस्ट हो जाएगी।
1 लाख 10 हजार बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ा बोझ, 19 व 20 मई अंतिम तारीख
लॉकडाउन में पावरकाॅम की ओर से उपभोक्ताओं की मीटर से खपत की रीडिंग नहीं ली गई जबकि बीते साल 2019 के मार्च महीने की खपत को आधार बनाकर सभी उपभोक्ताओं को बिजली बिल जारी कर दिए। अकेले बठिंडा की बात करें तो 1 लाख 10 हजार बिजली उपभोक्ताओं को उनकी खपत से दो गुणा ज्यादा बिल मिले हैं। इससे घरेलू उपभोक्ता तो परेशान हैं जबकि ज्यादा मार छोटे-बड़े 20 हजार कॉमर्शियल जबकि 900 औद्योगिक घरानों पर पड़ी है जोकि 22 मार्च से लॉकडाउन की वजह से पूरी तरह से बंद रहे, ऐसे में कोई उपकरण नहीं चलने से बिजली की किसी तरह की कोई खपत नहीं होने के बावजूद पिछले साल से दोगुणा बिल भेज दिए गए। शहर को 4 ग्रुप के आधार पर अलग-अलग बिलिंग सर्कल में उपभोक्ताओं को बिल भेजे गए। पहले उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल पर 20 अप्रैल को 4 अप्रैल तक की खपत का बिजली बिल भेजा गया जिसे भरने की तारीख बढ़ाकर 10 मई तक दी गई। वहीं अलग सर्कल के उपभोक्ताओं को 6 मई के एसएमएस में बिल भेजकर 19 मई जबकि अन्य सर्कल के उपभोक्ताओं के लिए 20 मई आखिरी तारीख निर्धारित कर दी।
दफ्तरों में चक्कर काट रहे उपभोक्ता
पावरकाॅम के सिरकी बाजार और पावर हाउस रोड स्थित कॉमर्शियल वन और कॉमर्शियल टू में प्रतिदिन 70 से 80 उपभोक्ता अपने बिल की जांच करवाने पहुंच रहे हैं लेकिन अधिकारी खपत की रीडिंग का ब्यौरा न होने का हवाला देकर यही बिल भरने की ताकीद कर रहे हैं।
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May 19, 2020 at 05:00AM
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