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Monday, May 25, 2020

तीन दिनों तक किसानों के खाते में राशि न डालने वाले आढ़तियों को देंगे नोटिस

गेहूं बेचने वाले किसानों की पेमेंट में अब देरी नहीं होगी। जिन आढ़तियों के पास सरकार ने राशि भेज दी है और उन्होंने किसानों के खातों में तीन दिनों तक राशि नहीं डाली, ऐसे आढ़तियों की डिटेल खंगाली जा रही है। इन आढ़तियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। यही नहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग इस तरह से किसानों को परेशान करने वाले आढ़तियों से ब्याज भी वसूलने की तैयारी कर रहा है।

यह ब्याज किसानों को दिया जाएगा। मंगलवार को इस संदर्भ में बैठक होगी और आगामी निर्णय भी लिए जाएंगे, ताकि हरियाणा के उन करीब 4.81 लाख किसानों को गेहूं की राशि मिल सके, जिन्होंने मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकरण कराया है और गेहूं की फसल मंडी में बेची है। विभाग के पास शिकायत आ रही हैं कि कुछ आढ़ती बेवजह किसानों की राशि खातों में नहीं डाल रहे और किसानों को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे आढ़तियों की लिस्ट भी मंगलवार तक विभाग के पास पहुंच जाएगी। विभाग के एसीएस ने ऐसे आढ़तियों की लिस्ट बनाने को कहा है जो राशि जानबूझकर किसानों के खातों में नहीं डाल रहे। ताकि इनसे ब्याज वसूला जा सके। ब्याज की गणना करने के लिए भी टीम का गठन किया गया है।

करीब 74 लाख टन गेहूं की हुई खरीद :

22 मई तक हरियाणा में 481524 किसानों से 73.32 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। जबकि 299471 किसानों से कुल 8.09 लाख मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई है। राज्य के खरीद केंद्रों पर चने की खरीद भी शुरू कर दी गई है और अब तक 2613 किसानों से 5081.26 मीट्रिक टन चने की खरीद की जा चुकी है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने कहा कि जिन आढ़तियों के खातों में राशि डाली जा चुकी है और वे तीन दिनों तक किसान के खाते में नहीं डालते। ऐसे आढ़तियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।

हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि अब पिछले दिनों से सरकार की ओर से आढ़तियाें तक राशि ठीक आ रही है। आढ़ती किसानों को राशि दे रहे हैं, लेकिन कुछ आढ़तियों ने किसानों के खाते में बिना पोर्टल के आरटीजीएस कर दिया। तकनीकी दिक्कत भी आई हैं। जो राशि किसानों के लिए खाते में सरकार के लिए डाली है, वह बीच में अटकी हुई है।

आढ़तियों के खातों में 9700 करोड़ रुपए भेजे

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब तक सरकार की ओर से आढ़तियों के खातों में करीब 9700 करोड़ रुपए की राशि भेजी जा चुकी है। जबकि करीब 12 हजार करोड़ रुपए की राशि का गेहूं खरीदा गया है। 2300 करोड़ रुपए की राशि आढ़तियों के खातों में मंगलवार व बुधवार को भेजी जाएगी। अबकी बार सरकार ने गेहूं खरीद के अनुमान के अनुसार 22 हजार करोड़ रुपए रिजर्व रखे हैं, ताकि किसानों को गेहूं की राशि समय पर मिल सके और वे खरीफ फसलों की बिजाई की समय पर तैयारी कर सकें।

टॉप जिले जहां सर्वाधिक गेहूं खरीद

{सिरसा9.11 लाख टन
{ करनाल7.05 लाख टन
{ फतेहाबाद6.74 लाख टन
{ कैथल6.70 लाख टन
{ जींद7.22 लाख टन
{ कुरूक्षेत्र5.07 लाख टन

मंडियों में पड़ा है 7 लाख टन गेहूं

अब प्रदेश की अनाज मंडियों में पड़ोसी राज्यों में खेती करने वाले किसानों का गेहूं आना भी शुरू हो गया है। फिलहाल यह रोजाना करीब 75 हजार टन आ रहा है। करीब 67 लाख टन गेहूं का उठान मंडियों से हो चुका है। सात लाख टन गेहूं पड़ा है। इसका उठान तेजी से किया जा रहा है, रोजाना अब साढ़े तीन से चार लाख टन गेहूं का उठान हो रहा है।



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Notice will be given to the artisans who do not add funds to the farmers' account for three days

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दैनिक भास्कर,,1733

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