लॉकडाउन के दो माह बाद विदेशों से फंसे प्रदेशभर के लोगों की वतन वापसी शुरू हो गई है। वापसी के लिए मदद सरकार ने की, लेकिन एयर इंडिया की फ्लाइट में दो से चार गुना तक किराया देना पड़ा। कुरुक्षेत्र में विभिन्न देशों से 25 लोग लौटे हैं।
कनाडा से लौटे कड़ामी गांव के नवदीप ने बताया कि 2451 डाॅलर की टिकट ली। एक हजार डाॅलर अतिरिक्त लिए गए। वहीं, मलेशिया से लौटा दंपती से 1890-1890 रिंग्गित (मलेशिया की करेंसी) लिए गए, जबकि मलेशिया गए थे तो 490 से 500 रिंग्गित तक प्रति यात्री खर्च आया था। महुआखेड़ी के रमेश ने ऑस्ट्रेलिया की अपडाउन की 1400 डाॅलर की टिकट कराई थी। अब वापसी में 835 डाॅलर एक्स्ट्र लिए हैं।
फ्लाइट से पहले 4 बार हुई जांच
विभिन्न देशों में फंसे लोगों की मदद के लिए पिछले माह परिजनों से आवेदन मांगे थे। अकेले कुरुक्षेत्र से करीब 70 लोगों के परिवार वालों ने गुहार लगाई थी। उनकी फ्लाइट में बिठाने से पहले भी चार बार जांच हुई। अपने खर्च पर ही सही, लेकिन सरकार ने फ्लाइट शुरू कर मदद तो की। इसके लिए वे सरकार का शुक्रिया करते हैं। विदेश से वापस लौटने वाले लोगों को 15 दिन क्वारेंटाइन करने के बाद घर भेजा जाएगा।
होटल महंगा था तो धर्मशाला में गए
कुछ लोग शुक्रवार की सुबह पहुंचे। इन्हें बताया कि क्वारेंटाइन में रहना था। वे मर्जी से होटल में रह सकते हैं, लेकिन रूम चार्जिज चुकाने होंगे। जब वे होटल पहुंचे तो बताया कि रोजाना के 3500 रुपए देने होंगे। प्रशासन से रिक्वेस्ट की तो धर्मशाला पहुंचाए गए। हालांकि कुछ लोगों के लिए प्रशासन के कहने पर अब उस होटल ने भी रूम चार्जिज घटाकर 2500 रुपए कर दिया है।
15 मार्च को मलेशिया गए, लॉकडाउन में फंसे
मलेशिया से आए हरविंद्र व हरप्रीत के मुताबिक वे लोग 15 मार्च को ही अपने एक रिश्तेदार से मिलने मलेशिया गए थे। इसी बीच 17 मार्च को वहां लॉकडाउन हो गया। यहां उनके दोनों बच्चे व माता-पिता परेशान थे, लेकिन फ्लाइट बंद होने के कारण वापस नहीं लौट पाए। फ्लाइट शुरू होने पर पहले हरप्रीत का नंबर पहले आया, लेकिन उसने कहा कि वह पति के साथ ही जाएगी। अब जाकर दोनों का एकसाथ नंबर आया है।
ऑस्ट्रेलिया में बेटी के पास गए, 28 को थी वापसी
महुआखेड़ी के रमेशचंद्र के मुताबिक उनकी पत्नी का देहांत हो चुका है। एक बेटी आॅस्ट्रेलिया में पढ़ रही है। बेटा यहीं रहता है। वे बेटी से मिलने के लिए 30 दिसंबर को आॅस्ट्रेलिया गए थे। 28 मार्च को वापस आना था, लेकिन इसी बीच लॉकडाउन शुरू हो गया। पहले लगा कि जल्द खुल जाएगा, लेकिन इंतजार बढ़ता गया। गांव में अकेले बेटे को लेकर रोजाना चिंता होती थी। अब जाकर अपने देश लौटे हैं।
कनाडा से वापस लौटने के 3 दिन पहले हुआ लॉकडाउन
कनाडा से लौटे नवदीप ने बताया कि वे 28 फरवरी को अपने एक रिलेटिव से मिलने कनाडा गए थे। उनकी 23 मार्च को वापसी थी, लेकिन इसी बीच 20 मार्च को वहां लॉकडाउन लग गया। इसके चलते वहीं फंस गए। वहां रिश्तेदार थे, इसलिए उन्हें खाने-पीने और रहने की दिक्कत नहीं हुई।
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दैनिक भास्कर,,1733
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