लाॅकडाउन के कारण गांव जाने के इच्छुक 54 हजार श्रमिकाें काे 45 ट्रेनाें में रवाना किए जाने से बल्ले-बल्ले फार्म के बाहर भीड़ कम हाेने लगी है। शनिवार काे पांच ट्रेनाें में छह हजार लाेगाें काे उनके गांव भेजा गया। 2 ट्रेनाें में बिहार और 3 में यूपी के श्रमिकाें काे भेजा गया। रविवार काे मुजफ्फरपुर, बकरकाना, सुल्तानपुर और फैजाबाद के लिए ट्रेन रवाना जाएगी।
यूपी और बिहार जाने वाले श्रमिकों की ज्यादा संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने रेलवे से गाड़ियां बढ़ाने की अपील की है। 45 ट्रेनों से 54 हजार श्रमिकों की वापसी के लिए रेलवे को प्रशासन की ओर से 2.92 करोड़ रुपए अदा किए गए हैं। शनिवार सुबह 10 बजे बेतिया (बिहार), दोपहर 2 बजे पूर्णिया बिहार, शाम 5 बजे मऊ (यूपी) शाम 7.30 बजे बस्ती (यूपी), देर रात 11 बजे मऊ (यूपी) के लिए ट्रेनों को रवाना किया गया।
भीड़ कम हाेने से पुलिसकर्मियाें काे भी राहत
यूपी और बिहार की ज्यादा ट्रेनें चलने से पठानकोट चौक के नीचे रातें गुजार रहे श्रमिकों की भीड़ कम हो गई है। पहले दो से तीन हजार श्रमिक फ्लाईओवर के नीचे अपनी बारी के इंतजार में रहते थे। अब इसमें कमी आने से पुलिस ने भी राहत की सांस ली है। 20-20 आदमी बल्ले-बल्ले फार्म में स्क्रीनिंग के लिए भेजे जा रहे हैं। जिन श्रमिकों की ट्रेन छूट गई है और वे अभी भी यहां-वहां भटक रहे हैं। इन लाेगाें की लिस्ट तैयार की जा रही है। प्रशासन अब मजदूरों को जाने से रोक भी रहा है। कारण यह कि फैक्ट्रियां खुल गई हैं धान की राेपाई का भी सीजन है। कई श्रमिक इस कारण खुद भी रुक गए हैं।
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May 17, 2020 at 05:00AM
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