दर्द तो रोशनी वल, यह कोरोनाे-काल में लाॅकडाउन के दौरान इसी शहर के मिडिल क्लास दंपति की असल जिंदगी पर आधारित शाॅर्ट मूवी है। ये दंपति आर्थिक तंगी के चलते शर्मिंदगी से बचने को पड़ोसियों से मदद मांगने की बजाए थाने पहुंचा था। थाना डिवीजन छह में मुंशी हैड कांस्टेबल जगतार सिंह हिसोवाल ने उनका दर्द समझ स्क्रिप्ट लिखी। फिर शाॅर्ट मूवी बना यू-ट्यूब पर रिलीज कर दिया है। बुधवार को एसीपी संदीप वढेरा, एसएचओ अमरजीत सिंह, चौकी शेरपुर इंचार्ज दविंदर सिंह ने रस्मी-तौर पर इस मूवी को रिलीज किया।
दो हफ्ते में लिखी कहानी, मुल्लांपुर स्थित घर में ही की शूटिंग
जगतार सिंह ने बताया कि समाज में अमीर व गरीब वर्ग से ज्यादा मध्यम वर्ग पर लाॅकडाउन में ज्यादा संकट रहा। अमीर वर्ग आर्थिक संपन्न है तो गरीब वर्ग को जैसे-तैसे सरकारी मदद मिल गई। जबकि मध्यम वर्गीय परिवारों का गुजारा मुश्किल से चला। ये वर्ग किसी से मांग नहीं सकता है और इसके पास इतना पैसा भी नहीं होता कि महीनों बैठकर खा सके। ये वर्ग संकट में अंदर ही अंदर मरता है और इस पर हर तरफ से मार पड़ती रही। इस वर्ग के बारे में जगतार ने दो हफ्ते में पूरी कहानी लिखी। उसके बाद डायलॉग तैयार कर तीन हफ्ते में शाॅर्ट मूवी तैयार की। सारी शूटिंग अपने मुल्लांपुर स्थित घर में ही की। इसमें उनके अलावा जगरूप सिंह रूप, जसमनजीत सिंह व हरप्रीत सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई। एसीपी वढेरा ने बताया कि कर्फ्यू में व्यस्तता के बावजूद जगतार ने सराहनीय प्रयास किया। शाॅर्ट मूवी तैयार कर मध्यम वर्ग की दिक्कतों को सामने लाया गया है।
ऐसे बनी स्क्रिप्ट
बकौल जगतार, कर्फ्यू के दौरान थानों में राशन बंट रहा था। हमारे थाने में अच्छे घर से लगने वाले पति-पत्नी आकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू में उनका कामकाज बंद है। घर में राशन तक नहीं है, किसी से मांग नहीं पा रहे। कई दिन से रोटी ही नहीं खाई। भूख से परेशान होकर मजबूरन मदद लेने आए हैं। जगतार ने उनकी मदद तो की ही, मीडिल क्लास का ये दर्द सबके सामने बयां करने का रास्ता भी शाॅर्ट मूवी के जरिए तैयार किया।
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May 21, 2020 at 05:00AM
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