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Sunday, May 17, 2020

कांट्रेक्टर लॉबी ने सिटी के शराब ठेके लेने में नहीं दिखाई रुचि

एक्साइज पॉलिसी को लागू करने में विफल रहे एक्साइज डिपार्टमेंट ने जहां 600 करोड रुपए का रेवेन्यू लॉस दर्ज करवाया था, वहीं जालंधर में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जालंधर सिटी में जिन शराब ठेकों से इस साल 125 करोड रुपए से ज्यादा रेवेन्यू कमाने का टारगेट रखा था, उन्हें अलॉट करने में एक्साइज विभाग पूरी तरह से असफल रहा है।

एक तरफ कर्फ्यू के दौरान जालंधर सिटी में धड़ाधड़ तस्करी की शराब बिकने के मामले सामने आते रहे और दूसरी तरफ एक्साइज अधिकारियों ने नए साल के लिए शराब ठेके के लाइसेंस का प्रोसेस शुरू कर रखा था। कांट्रेक्टर लॉबी ने ठेके लेने के लिए एप्लीकेशन नहीं दी। वजह यही है कि जिस शहर में तस्करी की शराब बड़ी मात्रा में बिक रही है, वहां ठेकेदारों को रेवेन्यू लॉस का डर है।

एक्साइज डिपार्टमेंट में जालंधर सिटी के छह ग्रुप के चालू वित्त वर्ष के लाइसेंस अलॉट करने के लिए एप्लीकेशन मांगे थे। इनमें बस्ती मिट्ठू, मॉडल टाउन, जौहल मार्केट, मॉडल हाउस, बस्ती शेख और बस्ती एरिया का एक ग्रुप शामिल हैं। इनमें करीब 17 शराब ठेके हैं लेकिन किसी भी कांट्रेक्टर में इनमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। ऐसी ही बुरी हालत फिल्लौर के तीन ग्रुपों की हुई है, जिनमें करीब 25 शराब ठेके हैं। इन तीनों ग्रुप को को भी चलाने के लिए कोई कांट्रेक्टर आगे नहीं आया।

लॉकडाउन के चलते ठेकों का नहीं निकल पाया ड्रॉ

फरवरी में राज्य सरकार में शराब ठेकेदारों से कहा था कि जो लोग अतिरिक्त टैक्स जमा कराने की गारंटी देंगे, वे अपने ठीक के नए साल में भी संचालित कर सकते हैं। इसके बाद जालंधर सिटी में तीन ग्रुप कांट्रेक्टर्स ने रिन्यू कर लिए थे। इसके बाद बाकी आधे शहर में शराब ठेके अलॉट नहीं हो पाए। मार्च में इसके लिए दूसरी कोशिश होनी थी लेकिन लॉकडाउन लग गया। इस सिलसिले में शनिवार को जालंधर के बचे शराब ठेकों का ड्रा रखा गया था, जोकि पूरी तरह से विफल रहा।



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May 17, 2020 at 05:00AM

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