केंद्र के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज महज दिखावा। कारोबारी 5 की जगह 10 रुपए यूनिट बिजली का बिल भर रहे हैं। यह बातें शहर की स्टील, कपड़ा व अन्य इंडस्ट्रियल एसोसिएशनों के नुमाइंदों ने शुक्रवार को लम्सडन क्लब में बैठक के दौरान कहीं। अमृतसर अग्रवाल समाज के प्रधान और प्रमुख उद्योगपति रंजन अग्रवाल ने कहा कि 20 साल पूर्व अमृतसर सिटी हर इंडस्ट्री का हब थी। वहीं अब इंडस्ट्री खत्म होने की कगार पर है। अग्रवाल ने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान केंद्र के 20 लाख करोड़ के पैकेज से कारोबारियों को कुछ नहीं मिला।
वहीं पंजाब सरकार ने इंडस्ट्री को 5 रुपए प्रति यूनिट बिजली देने की बात कही थी, लेकिन इंडस्ट्री का 10 रुपए प्रति यूनिट बिल आ रहा है। लाॅकडाउन के कारण कई स्टेटों से सी फार्म नहीं मिल पा रहे, लेकिन डिपार्टमेंट सी फार्म मांग रहा है। अनुमानित जुर्माना लगाकर सी फार्म का झंझट खत्म करे सरकार। वायर ड्राइंग एसो. के जसपिंदर सिंह ने कहा कि मंडी गोबिंदगढ़ से रोजाना स्क्रैप आता जाता है। वहीं हफ्ते में ही लोहे का रेट 4 से 5 रुपए किलो तेज करने के बाद दो रुपए घटा दिया जाता है। इससे मैनुफैक्चर्र को घाटा हो रहा है। सरकार दखल देकर इसपर अंकुश लगाए। इस मौके पर सुरिंदर अग्रवाल, जसप्रीत सिंह, दीप सिंह, रमन अग्रवाल, नवल गुप्ता, जसपाल, भूपिंदर सिंह व अन्य मौजूद थे।
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August 29, 2020 at 05:06AM
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