शहर में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए भीडभाड़ वाले इलाकों में सख्ती बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन ने सभी दुकानों, मॉल व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक संस्थानों अथवा अन्य स्थानों, जहां रोज 20 से अधिक लोग इकट्ठे होते हैं, वहां कोविड माॅनिटर लगाने के लिए कहा है ताकि प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा सके। वहीं प्रोटोकॉल तोड़ने पर प्रशासन की संपर्क खोजने में लगी 75 टीमें चालान भी काटेंगी।
सूबे का जालंधर पहला जिला है, जहां पर सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन करने के लिए सभी प्रतिष्ठानों में मॉनिटर लगाए जा रहे हैं। नागरिक और सेहत विभाग के अधिकारियों के साथ मौजूदा स्थिति और कोविड की तैयारियों की समीक्षा करते हुए डीसी घनश्याम थोरी ने कहा कि माॅनिटर शुरू में पहचान और उपचार के लिए प्रशासन की मदद करेगा।
कोविड मॉनिटर को अधिकारियों या उच्च-अधिकारियों को सूचित किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए 75 नई संपर्क ट्रेसिंग टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों के द्वारा 72 घंटे के अंदर कोविड पाॅजिटिव आने पर व्यक्ति के कम से कम 10 संपर्कों की ट्रेसिंग की जा सकेगी।
डीसी ने कहा कि हेल्थ सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है। लेवल-2 और लेवल-3 के लिए बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इस दौरान सीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर और सीनियर सुपरिंटेंडेंट सतिंदर सिंह अपने कार्यालय से इस वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े। दोनों ने कहा कि पुलिस डिपार्टमेंट ने कोविड प्रोटोकाॅल को तोड़ने वालों के खिलाफ पहले ही अभियान तेज कर दिया है।
ऐसे होगी मॉनिटरिंग
प्रत्येक संस्थान, जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं वहां पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग की जाएगी। यहां पर एक टीम होगी। यह टीम जहां अधिक लोग खड़े हुए हैं, वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन करवाएगी। इसके अलावा जहां पर कैमरे नहीं लगे, वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन करने के लिए मॉनिटर तैनात किए जाएंगे।
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August 30, 2020 at 05:27AM
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