केंद्रीय जेल में ब्लॉक नंबर 1 की बैक साइड में बने शौचालयों के पास जमीन के अंदर गड्ढा खोदकर छुपाया गया मोबाइल फोन बिना सिम व बिना बैट्री के बरामद हुआ। इसके साथ ही जब जेल में बनी फैक्ट्री में रूटीन चेकिंग की गई तो वहां से टेप से लिपटा बंडल बरामद हुआ जिसमें से 16 पुड़िया जर्दा मिला। जेल प्रशासन की शिकायत पर थाना सिटी पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
वहीं केंद्रीय जेल में अगस्त माह के 26 दिनों की बात करें तो जेल में से 8 मोबाइल फोन, 7 डेटा केवल, 1 चार्जर, 2 हेडफोन, 184 नशीली गोलियां, 19 पुड़िया जर्दा व 15 बीड़ी बरामद की जा चुकी हैं। जेल में लगातार प्रतिबंधित सामानों के मिलने पर जब अधकिारियों से बातचीत की जाती है तो उनका एक ही जवाब रहता है कि रोजाना चेकिंग कर रहे हैं।
इसलिए मोबाइल व अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हो रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जेल के अंदर अधिकारियों की ओर से रोजाना चेकिंग की जाती है इसके बावजूद रोजाना कैसे प्रतिबंधित सामान बरामद होते हैं।
कब कितने प्रतिबंधित सामान पकड़े गए
10 अगस्त : छत पर तैनात सिपाही से 1 मोबाइल, 3 पुड़ी जर्दा व 15 बीड़ी बरामद।
12 अगस्त : बैरक नंबर 4 से 1 मोबाइल तो बैरक नंबर 1 में पड़े बूटों में से 90 नशीली गोलियां बरामद।
17 अगस्त : एक मोबाइल, 7 डेटा केबल, 1 चार्जर, 2 हेडफोन बरामद
19 अगस्त : बंदियों की कोरोना जांच के लिए एलटी गुरजंट सिंह जब ड्योडी में से होकर जेल में प्रवेश करने लगा तो चेकिंग के दौरान उससे 94 नशीली गोलियां बरामद हुई। इसके बदले उसे 2 हजार रुपए राशि पेटीएम के जरिए दी गई थी।
20 अगस्त : कैदियों व हवालातियों की ओर से जेल प्रशासन के खिलाफ एक वीडियो बनाकर वायरल की गई जिसके बाद सहायक सुपरिंटेंडेंट ने जेल स्टॉफ के साथ अहाता नंबर 4 में चेकिंग की तो आरओ के साथ लगे वाटर कूलर की टंकी से मोबाइल बरामद किया।
25 अगस्त : बैरक नंबर 2 में एक हवालाती मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था तो इस दौरान हेड वार्डर ने हवालाती के मोबाईल फोन पकड़ा।
3 तरीकों से पहुंचते हैं प्रतिबंधित सामान
- जेल की चारदिवारी के ऊपर से पैकेट थ्रो कर जेल में मोबाइल व अन्य सामान पहुंचाया जाता है।
- जेल कर्मी, पुलिसकर्मी, हेल्थ वर्कर जिनमें फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन व नर्सें शामिल इनके माध्यम से भी पहुंचाया जाता है सामान
- जेल में बंद क्रिमिनल या गैंगस्टर जिनके बाहर लिंक रहते हैं, वह कोई न कोई जुगाड़ लगाकर यह सामान मंगवा लेते हैं।
डीआईजी बोले, अधिकारियों से लगातार होती है मीटिंग, थ्रोइंग एरिया में बढ़ाई गई है सुरक्षा
केंद्रीय जेल फिरोजपुर में लगातार मोबाइल व नशीले पदार्थ मिलने का सिलसिला जारी है। जेल प्रशासन की ओर से उक्त सामान मिलने के बाद इस बात को तव्वजो दी जाती है कि जेल प्रशासन लगातार जेल में से मोबाइल व नशीले पदार्थों की बरामदगी कर रहा है मगर इस बात को लेकर प्रशासन बिल्कुल भी संजीदा दिखाई नहीं दे रहा कि आखिरकार जेल में मोबाइल व नशीले पदार्थ पहुंच कहां से रहे हैं।
वहीं जब भी इस बारे में जेल अधिकारियों से बात की जाती है तो उनका यही कहना होता है कि जेल कर्मी इसे लेकर बहुत सख्त हैं इसी के चलते ही तो मोबाइल व नशीले पदार्थ पकड़े जा रहे हैं। वहीं डीआईजी जेल तजिद्र सिंह मौड़ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जेल में लगातार पहुंच रहे प्रतिबंधित पदार्थों की रोकथाम के लिए वह बेहद संजीदा हैं।
लगातार जेल कर्मियों व अन्य विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के जेल में प्रवेश के चलते उनकी चेकिंग व सर्चिंग की जा रही है। वहीं उन्होंने कहा कि इसके लिए वह खुद भी समय-समय पर अधिकारियों की बैठक लेकर उनके साथ इस सब पर लगाम लगाने को लेेकर सख्त चेतावानी व सुरक्षा को मजबूत करने को लेकर निर्देश देते रहते हैं। जेल की थ्रोइंग एरिया पर सुरक्षा मजबूत की जा रही है ताकि थ्रो पर अंकुश लगाया जा सके।
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August 27, 2020 at 04:00AM
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