कस्टमर को उसकी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत पूरा क्लेम अदा न करना एक इंश्योरेंस कंपनी को महंगा पड़ा। स्टेट कंज्यूमर कमीशन ने एक फार्मा कंपनी में लगी आग के मामले में इंश्योरेंस कंपनी को 81 लाख रुपए क्लेम अदा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा इंश्योरेंस कंपनी पर एक लाख हर्जाना भी लगाया है। स्टेट कंज्यूमर कमीशन ने सोनीपत की एसएस फार्मा कंपनी की शिकायत पर नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ ये फैसला सुनाया है। फार्मा कंपनी ने अपनी शिकायत में बताया था कि उनका सोनीपत में एक गोदाम हैं जहां वे दवाओं का स्टॉक रखते हैं।
कंपनी ने नेशनल इंश्योरेंस से 81 लाख रुपए की एक पॉलिसी ली थी जोकि 9 सितंबर 2016 से 8 सितंबर 2017 तक के लिए वैलिड थी। इस दौरान 1 फरवरी 2017 की रात को गोदाम में आग लग गई। जिस वजह से गोदाम में रखा सारा स्टॉक और फर्नीचर जलकर राख हो गया। उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम मांगा, लेकिन कंपनी ने सर्वे करने के बाद उनका केवल 4 लाख 53 हजार 849 रुपए का ही क्लेम पास किया जबकि इंश्योरेंस तो 81 लाख की थी।
इंश्योरेंस कंपनी का तर्क: गलत रिकॉर्ड दिखाकर केस फाइल किया गया...वहीं, कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि फार्मा कंपनी ने जानबूझकर टोटल लॉस दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने गलत रिकॉर्ड दिखाकर ये केस फाइल किया है। लेकिन दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कंज्यूमर कमीशन ने फार्मा कंपनी के हक में फैसला सुनाया है। कमीशन ने इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिए कि पॉलिसी के मुताबिक उन्हें क्लेम दिया जाए, हालांकि कमीशन ने ये भी कहा कि जो स्टॉक आग से नहीं जला और सुरक्षित है, उसका अमाउंट इंश्योरेंस कंपनी को नहीं देना होगा।
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August 27, 2020 at 04:34AM
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