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Thursday, August 27, 2020

संगरूर के दिड़बा में सैंपल लेने गई हेल्थ विभाग की टीम पर लोगों ने बरसाए पत्थर, आराेपघराें में नहीं अस्पताल में मर रहे मरीज, वहां देखभाल नहीं की जाती

पांच काेराेना पाॅजिटिव मरीज मिलने के बाद दिड़बा की ढेहा बस्ती काे मंगलवार को माइक्राे कंटेनमेंट जाेन घाेषित कर दिया गया था। बुधवार काे यहां हेल्थ टीम सैंपल लेने पहुंची तो लाेगाें ने ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। हालांकि टीम काे चाेट नहीं आई परंतु टीम काे बिना सैंपल लिए खाली हाथ लाैटना पड़ा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

एसडीएम दिड़बा सिमरप्रीत कौर ने कहा कि सरकार के नियमों के अनुसार कनटेंनमेंट जोन में सैंपल लेना जरूरी है। पॉजिटिव मरीजों को सरकार के नियमों के अनुसार होम आइसोलेट भी किया जा सकता है। महामारी पर लोगों को उनके हाल पर नहीं छोड़ सकते। टीम पर पत्थर मारना गलत है। एसएचओ दिड़बा डॉ जगबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने घटनास्थल का दौरा किया है। पत्थरबाजी का पता नहीं चला है। बस्ती में लोग टेस्ट करवाने से डरते हैं।

पत्थरबाजी का वीडियो भी आया सामने, कोई जख्मी नहीं

ढेहा बस्ती में एक दिन पहले ही 5 लोग पॉजिटिव मिले थे। प्रशासन के माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित करने से बेरीकेट्स लगाकर पुलिस भी तैनात कर दी गई है। बस्ती के लाेगाें के कहीं भी आने-जाने पर रोक है। इससे लाेगाें में गुस्सा है। बुुधवार सुबह सेहत विभाग की टीम सैंपल लेने पहुंची ताे युवकों ने ईंटें फेंकनी शरू कर दी। लोगों ने कहा कि माइक्रो कनटेनमेंट जोन के नाम पर बस्ती के लोगों का घरों से निकलना बंद है।

लोग काम पर नहीं जा पा रहे हैं। लॉकडाउन में भी गरीबाें का काफी नुकसान हुआ। सेहत विभाग की टीम कोरोना मरीजों को पकड़कर साथ ले जाती है। कोरोना मरीजों की मौत अस्पताल में हो रही हैं क्योंकि अस्पतालों में मरीजों की ठीक ढंग से देखरेख नहीं की जा रही है। एसएमओ दिड़बा डॉ आरती पांडवा ने कहा कि सैंपल नहीं लेने दिया गया। टीम पर पत्थरबाजी की वीडियाे भी सामने आया है।

लापरवाही- सड़क किनारे मिले यूज हो चुकी पीपीई किट्स के 3 ढेर

इस्तेमाल हो चुकी पीपीई किट को गांव निदामपुर के पास सड़क किनारे फेंक दिया गया। रोड के किनारे इसके 3 ढेर मिले हैं। ब्लाक समिति मेंबर राधे श्याम और जीओजी रघवीर सिंह ने बताया कि सुबह सैर के लिए गए तो पीपीई किट्स के 3 ढेर देखे। सेहत विभाग को जानकारी दी। एसडीएम कर्मजीत सिंह और एसएमओ डॉ ने हटवा दिया। लेकिन घटना के जिम्मेदार लोगों को पता लगाकर उनके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।

इधर, फाजिल्का-नवांशहर में टीम देख ताला लगा भागे लोग


जलालाबाद के गांव भड़ोलीवाला में कोरोना पाॅजिटिव मरीज के संपर्क में आए लोगों का सैंपल लेने पहुंची टीम देखकर ग्रामीण अपने घरों में ताला लगाकर फरार हो गए। केवल 5 लोगों के ही सैंपल दिए। जानकारी के अनुसार, गांव का एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव आया था और उसके संपंर्क में आए 31 लोगों के सैंपल होने थे। गांव के सरपंच और अन्य लोगों को सूचित कर दिया गया था लेकिन बुधवार को जंडवाला से संबंधित स्वास्थ्य विभाग की टीम अमले सहित गांव पहुंची तो लोगों ने सैंपल देने से इनकार कर दिया। 26 लोगों ने सैंपल नहीं दिए।

वहीं, नवांशहर में भी कुछ लोग कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रहे। सेहत विभाग की टीम इब्राहिम बस्ती पहुंची तो वापस भेज दिया। पिछले दिनों इब्राहिम बस्ती में कुछ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद बुधवार को टीम लोगों के सैंपल लेने पहुंची तो लोग घरों में ताला लगाकर चले गए। वहीं, जाफरपुर के सरपंच की पिछले दिनों मौत के बाद सेहत विभाग ने सैंपलिंग देने को आगे आने को कहा ताे लोगों ने लिखित में दे दिया कि सरकार के पास सेहत सुविधाएं नहीं हैं तो सैंपलिंग का क्या फायदा।

2 होमगार्ड वालों ने परिवार के सैंपल देने से मना किया
गांव नुकेरिया के एक होमगार्ड और गांव खुडुज के एक होमगार्ड ने हेल्थ टीम को अपने परिवार के लोगों के कोरोना सैंपल देने से इंकार कर दिया गया। जलालाबाद के डीएसपी पलविंदर सिंह संधू ने कहा कि सैंपल देना जरूरी है। अगर होमगार्ड कर्मियों ने सैंपल नहीं दिए और हेल्थ विभाग शिकायत देता है तो कार्रवाई करेंगे।



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People on the health department team who went to sample in Sangrur's Didda, rained stones, not in the ape hole, patients dying in the hospital, care is not done there

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August 27, 2020 at 04:27AM

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