आज से सभी गवर्नमेंट, प्राइवेट, सेमी गवर्नमेंट स्कूल में पांचवीं से लेकर आठवीं क्लास के स्टूडेंट्स भी स्कूल जाएंगे और उनकी फिजिकल क्लासेस की शुरुआत हो जाएगी। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला द्वारा बुधवार को की गई। शिक्षा मंत्री द्वारा एक दिन में ही स्कूल खुलने के आदेश तो दे दिए लेकिन स्कूलों को तैयारियां करने का एक भी दिन नहीं दिया गया। यही नहीं रात 9 बजे के बाद गाइडलाइंस जारी की गईं। गाइडलाइंस पूरी तरह से हड़बड़ाहट में जारी की गई मालूम होती हैं। ये गाइडलाइंस 15 अक्टूबर, 2020 को नौवीं से 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स के लिए जारी हुई थी। लेकिन अब जारी गाइडलाइंस में पांचवीं क्लास के छोटे बच्चों का जिक्र तक देखने को नहीं मिल रहा है।
जिला शिक्षा विभाग के पास भी रात 9 बजे के बाद गाइडलाइंस पहुंचीं। यानि आदेशों के मुताबिक स्कूल शुरू करने के 13 घंटे पहले एसओपी मिल रही है। ऐसे में न ही स्कूलों को टाइम टेबल तैयार करने, बच्चों की संख्या के मुताबिक उन्हें बांटने तक का समय मिल सका है। इतना ही नहीं गाइडलाइन में एक क्लास में कितने बच्चे बैठाने और ट्रांसपोर्टेशन को लेकर भी कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। वहीं, विभिन्न माध्यमों से पेरेंट्स को भी इस संबंध में जानकारी हासिल होने के बाद उनका कहना था कि सरकार की ओर से वैक्सीनेशन का तो इंतजार कर लेना चाहिए था। कुल मिलाकर इस आदेश से पेरेंट्स और स्कूल प्रबंधक भी खुश नहीं हैं।
इतनी जल्दी छात्रों को नहीं बुलाया जा सकता-हमें ये नहीं मालूम कि एक क्लास में कितने बच्चों को बैठाना है। एक क्लास में 12 बच्चे बैठाने हैं तो हमारे पास इतना इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। क्या स्कूल खोलने के साथ ही स्कूल ट्रांसपोर्टेशन भी चलाने की अनुमति दी जा रही है या बच्चे स्कूल कैसे आएंगे? इतनी जल्दी बच्चों को नहीं बुलाया जा सकता। - जेके सिद्धू, प्रिंसिपल, डीएवी पब्लिक स्कूल बीआरएस नगर
सरकारी स्कूलों में दो दिन की पीटीएम आज से सरकारी स्कूलों में 7-8 जनवरी को पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग का आयोजन किया जाएगा। शिक्षा मंत्री के बयान से पहले डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के अध्यापक डीईओ के पास अध्यापकों को 6 दिन स्कूल बुलाने के विरोध में अपनी मांगों को लेकर पहुंचे थे। लेकिन उसी समय मंत्री का बयान आने के बाद उन्हें भी लौटना पड़ा। वहीं, सरकारी स्कूलों के अध्यापकों के मुताबिक दो दिन पीटीएम होगी। ऐसे में इन दो दिनों में पेरेंट्स का समझाएंगे ताकि वो बच्चों को स्कूल भेजें। गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसो. के प्रेस सेक्रेटरी टहल सिंह ने बताया कि फिजिकल क्लास लगने से स्टूडेंट्स और टीचर्स दोनों को फायदा होगा। लेकिन वीरवार से स्कूल खोलने के आदेश कुछ जल्दी हैं।
छोटे बच्चों को अभी स्कूल बुलाना सही नहीं-पांचवीं क्लास के छोटे बच्चों को भी स्कूल में बुलाने का निर्णय सही नहीं है। कम से कम वैक्सीन आने तक का तो इंतजार किया जाता। बच्चे इकट्ठे होंगे तो नियमों का पालन कैसे होगा। वहीं, अभी मौसम भी ठीक नहीं है। ये निर्णय बेहद जल्दबाजी में लिया गया है। जो सही नहीं है। - संजीव जैन, बीसीएम सेक्टर-32 स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन
फैसला अच्छा है, दो दिनों में हम कर लेंगे पूरी तैयारी-बच्चे मॉल्स व घूमने भी जा रहे हैं। निर्णय अच्छा है। स्कूलों में अगर कोविड-19 के नियमों का पूरा पालन होता है तो स्टूडेंट्स स्कूल भी आ सकते हैं। 9वीं से बारहवीं तक के स्टूडेंट्स पहले ही आ रहे थे। ऐसे में स्कूलों में सफाई और सेनेटाइजेशन हो रही थी। अन्य क्लासेस के लिए हम दो दिनों में तैयारी कर लेंगे। - आनंद सिंह, जाइंट एक्शन फ्रंट पंजाब एसोसिएट स्कूल
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January 07, 2021 at 05:25AM
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