गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स यूनियन पंजाब के सरपरस्त चरन सिंह सराभा, प्रधान सुरिंदर, जनरल सचिव बलकार वल्टोहा ने कहा कि नई शिक्षा नीति स्पष्ट नहीं है। 1968 में पार्लियामेंट में सर्वसम्मति से पास कोठारी कमीशन के मुफ्त और जरूरी शिक्षा के जनपक्षीय प्रस्ताव को अनदेखा किया गया है। शिक्षा नीति को पार्लियामेंट में विचार किए बिना ही लागू कर दिया गया है।
सरकार 14 साल तक के बच्चे को मुफ्त और लाजिमी शिक्षा कानून को आगे बढाने की बजाय उस पर चुप है। उच्च शिक्षा सीधे तौर पर कॉरपोरेट जगत के हाथों में थमा दी है। अगर सरकार संजीदा है तो 12वीं तक मुफ्त और जरूरी शिक्षा का कानून पास कर कोठारी कमीशन की सर्वसम्मति से पार्लियामेंट में पास नीति को आधार बनाएं, जैसे- कोठारी शिक्षा कमीशन की ओर से कहा गया था कि देश में कॉमन स्कूल सिस्टम लागू हो और कोई अच्छा-बुरा स्कूल न हो।
कोई भी प्राइवेट स्कूल न हो और सभी स्कूल ही सरकारी स्कूल हो और जहां सभी बच्चे एक सार गुणात्मक शिक्षा प्राप्त कर सकें। इससे देश के हर स्टूडेंट्स का बिना किसी अमीर-गरीब के भेदभाव से एकसार विकास होगा। इस मौके पर जगमेल सिंह, बलबीर सिंह, जोरा सिंह, भजन सिंह, टहल सिंह, मनीष शर्मा, हरीदेव, सौदागर सिंह, परमिंदर सिंह मौजूद रहे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
https://ift.tt/319Fv9N
August 01, 2020 at 04:38AM
No comments:
Post a Comment