पंजाब सरकार ने खरीफ की फसल के मौजूदा सीजन के दौरान सूबे में धान खरीद व प्रबंधन का सारा काम ऑनलाइन करने का फैसला किया है। इसके अलावा 11 कांस्टीटुएंट काॅलेजों के लिए 75.5 करोड़ की ग्रांट भी जारी करने का फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में नई कस्टम मिलिंग नीति का एलान करते हुए सूबा सरकार की ओर से एक पोर्टल www.anaajkharid.in भी लॉन्च किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई नीति का मकसद धान की निर्विघ्न मिलिंग और राज्य की 4150 से ज्यादा मिलों से चावलों को केंद्रीय पूल में भेजना है।
अब ऑनलाइन प्रणाली के जरिये धान की समूची खरीद, मिलों की अलॉटमेंट, रजिस्ट्रेशन, रिलीज़ ऑर्डर लागू करना, आरओ फीस और चुंगी एवं कस्टम मिलिंग सिक्योरिटी जमा करवाने समेत स्टॉक की निगरानी जैसे कार्यों को अंजाम दिया जाएगा। राज्य की सभी खरीद एजेंसियां पनग्रेन, मार्कफैड, पनसप, पंजाब स्टेट वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन भी वेबसाइट पर ही गतिविधियां चलाएंगी। राज्य का खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग इस संबंधी नोडल विभाग होगा।
नई नीति में क्या खास... गड़बड़ी रोकने को मिल मालिकों की बैंक गारंटी बढ़ाई
स्टॉक की ज़मानत के तौर पर इस वर्ष मिल मालिकों को बढ़ी हुई बैंक गारंटी जमा करवानी पड़ेगी। बैंक गारंटी जमा करवाने के लिए शुरुआती हद कम करने के साथ 1 हजार से अधिक मिलें सीधी निगरानी के तहत आ जाएंगी। जिससे कोई भी मिल संचालक किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं कर सकेगा। एक मिलर को अपने खाते में 150 मीट्रिक टन कम-से-कम धान की फ़सल खऱीदनी होगी या उसे वापस नहीं करने योग्य 5 लाख रुपए की रकम राज्य के खज़ाने में जमा करवानी पड़ेगी।
इसके अलावा 5 लाख रुपए की और रकम सिक्योरिटी (रिफंडएबल) के तौर पर पनग्रेन के खाते में ऑनलाइन जमा करवानी होगी। सरकार ने साफ किया कि इस नीति के तहत सीजन में मिलों को मुफ्त़ धान की फ़सल उपलब्ध करवाए जाने का एकमात्र मापदंड बीते वर्ष मिलर के काम पर निर्भर रहेगा। नीति के तहत चावल मिलों को एक टन क्षमता के लिए 3 हजार 500 मीट्रिक टन धान की फसल अलॉट की जाएगी और 1.5 टन क्षमता की मिलों को 4 हजार मीट्रिक टन धान की फसल मिलेगी।
- कैबिनेट के 2 अन्य फैसले...
11 कांस्टीटुएंट कॉलेजों के लिए 75.5 करोड़ रुपए जारी
मंत्रिमंडल ने 11 और कांस्टीटुएंट कॉलेजों को वर्ष 2016-17 से 2020-21 के लिए 1.5 करोड़ रुपए प्रति कॉलेज प्रति वर्ष के हिसाब से कुल 75.75 करोड़ रुपए की ग्रांट मंजूर की है। अब इन कॉलेजों के लिए प्रति कॉलेज, प्रति वर्ष 1.5 करोड़ रुपए का नियमित बजट उपबंध करने की भी मंज़ूरी दी गई।
तरनतारन में श्री गुरु तेग बहादुर यूनि. ऑफ लॉ को दी मंजूरी
इसके अलावा नौवें सिख गुरू श्री गुरु तेग़ बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाने के हिस्से के तौर पर सरहदी जिले तरन तारन में एक लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। श्री गुरु तेग़ बहादुर स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ बिल -2020’ को पंजाब विधानसभा के आगामी सेशन में पेश किया जाएगा।
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August 26, 2020 at 04:58AM
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