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Monday, August 24, 2020

झगड़ने वालों के आगे कोरोना भी बेअसर, नौ रातों में 191 एमएलआर, लॉकडाउन में भी जारी रहे लड़ाई-झगड़े, एक दिन भी नहीं आई गिरावट

लड़ाई-झगड़ा करने वाले के सामने कोरोना भी बेअसर साबित हो रहा है। इसका प्रमाण है सिविल अस्पताल की इमरजेंसी का डाटा। डाटा के मुताबिक पिछले 9 दिन में केवल रात के समय 191 ऐसे लोगों ने एमएलआर कटवाई है, जिनको लड़ाई-झगड़े में चोट आई। अस्पताल के मेडिकल अफसरों के मुताबिक लॉकडाउन के पहले दिन से ही लड़ाई-झगड़े की एमएलआर में कोई गिरावट नहीं आई।

ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि लड़ाई-झगड़ा करने वाले पुलिस-प्रशासन और कोरोना की कोई परवाह नहीं करते। बड़ी बात ये है कि यह लोग लड़ाई-झगड़े के बाद पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर जानकारी और थानों में जाकर अपनी शिकायतें भी दर्ज करवाते हैं। इसके बावजूद ऐसे लोगों पर कर्फ्यू के उल्लंघन का कोई भी मामला दर्ज नहीं किया जा रहा।

डाटा के मुताबिक 14 अगस्त रात को 27 लोगों ने लड़ाई-झगड़े के बाद एमएलआर कटवाई। इसके बाद 15 अगस्त को 20, 16 को 24, 17 को 19, 18 को 20, 20 को 17, 21 को 16, 22 को 22 एमएलआर हुईं। सभी एमएलआर रात 8 से सुबह 8 बजे की ड्यूटी के दौरान की हैं।

नाइट कर्फ्यू का उल्लंघन, 2 रातों में 38 लड़ाई के मामले
बीते 2 दिन में पुलिस-प्रशासन ने शाम 7 से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू किया। इसके बावजूद इन दो रातों में 38 लड़ाई झगड़े के मामले सामने आए हैं। पुलिस ने इन लड़ाई-झगड़े कर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि आम जनता को घरों से निकलने पर पुलिस की जलालत का शिकार होना पड़ता है। बता दें कि हमने सिर्फ रात के समय हुई एमएलआर के बारे में जानकारी दी है। इसके अलावा सुबह और शाम की ड्यूटी में भी इससे दोगुनी एमएलआर हुई।

लड़ाई के बाद भीड़ लेकर पहुंचते मेडिकल करवाने
कोरोना के चलते ईएसआई अस्पताल में सिविल अस्पताल की इमरजेंसी चल रही है। अस्पताल के लोगों का कहना है कि रात के समय जो लोग भी मेडिकल करवाने आते हैं, वह अपने साथ दल-बल लेकर चलते हैं। न तो इनको सड़क पर रोकने वाला कोई और न ही अस्पताल में। कई बार तो अस्पताल के अंदर ही दो गुटों के इकट्ठा होने पर पुलिस को भी सूचित करना पड़ता है, ताकि वहां पर कोई झगड़ा न हो। पुलिस भी ऐसे लोगों को वहां से खदेड़ने का काम करती है, बावजूद कर्फ्यू की उल्लंघना करने का पर्चा दर्ज करने के।

लड़ाई-झगड़ों के मामलों में कोई गिरावट नहीं : ईएमओ
लॉकडाउन और अनलॉक के दौरान लड़ाई-झगड़ों के मामलों में कोई गिरावट नहीं आई। रात के समय कर्फ्यू के दौरान भी लड़ाई-झगड़े उतने ही हो रहे हैं, जितने लॉकडाउन से पहले होते थे। अक्सर देखा जाता है कि एमएलआर कटवाने वाले के साथ पूरा काफिला आता है। कई बार तो इमरजेंसी के बाहर भी लड़ाई-झगड़े का माहौल बन जाता है। इसके चलते पुलिस को बुलाना पड़ता है। -डॉ. गुरविंदर कौर, इमरजेंसी मेडिकल अफसर (ईएमओ)



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August 24, 2020 at 05:17AM

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