शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पब्लिकेशन विभाग के रिकॉर्ड से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 267 नहीं बल्कि 328 पावन स्वरूप कम हैं। रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की बात कहते हुए अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एसजीपीसी को एक हफ्ते में जिम्मेदार अधिकारियों और मुलाजिमों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जत्थेदार ने हैरानी जताई कि वर्ष 2016 से अब तक एसजीपीसी के पब्लिकेशन विभाग का ऑडिट ही नहीं हुआ है। उन्होंने एसजीपीसी को इस पर कार्रवाई करने को कहा है।
जत्थेदार ने बताया, विभाग के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से बिना किसी बिल और रिकॉर्ड मेनटेन करते हुए वेस्ट अंगों से पावन स्वरूप तैयार करवाकर संगत को दिए गए। पहली बार में 61 और दूसरी बार में 125 स्वरूप तैयार करवाने की जानकारी मिली है। जत्थेदार ने गुरुद्वारा रामसर साहिब में पावन स्वरूप अग्नि भेंट होने संबंधी मामले में एसजीपीसी की अंतरिम कमेटी और मुख्य सचिव को 18 सितंबर को अकाल तख्त पर तलब किया है।
लैजर की ओपनिंग-क्लोजिंग में छेड़छाड़ के सबूत मिले
सोमवार को अकाल तख्त पर एडवोकेट ईशर सिंह की अगुवाई वाली कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। जत्थेदार ने कहा, पब्लिकेशन विभाग में लैजर में बार-बार कटिंग और रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के सबूत हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक पब्लिकेशन विभाग में 18 अगस्त 2015 को गुरु ग्रंथ साहिब के 267 नहीं बल्कि 328 स्वरूप कम थे।
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August 25, 2020 at 04:44AM
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