केंद्र सरकार कुछ ऐसा करने जा रही है कि देश में कही भी चोरी के वाहन को टोल प्लाजा पर ही पहचान की जा सकेगी। इसके लिए नेशनल हाईवे अथारिटी और सूबा सरकार सहित दूसरे राज्यों के अधिकारियों से मीटिंग हुई है। केंद्र इसके लिए टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में चोरी के वाहन की नंबर प्लेट आते ही उसकी पहचान हो जाएगी। इसके लिए नेशनल हाईवे अथारिटी ने एक साफ्टवेयर तैयार किया है।
इस साफ्टवेयर से टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरे कनेक्ट होने के बाद स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे से गुजरने वाले किसी भी वाहन की नंबर प्लेट सीसीटीवी कैमरे द्वारा स्कैन की जाएगी। अगर वाहन चोरी का हुआ तो टोल प्लाजा का फाटक खुलेगा ही नहीं। इसमें साफ्टवेयर में स्कूटर से लेकर ट्रक तक का डाटाबेस की जानकारी होगी। चोरी हुए वाहन को स्कैन करने के बाद तुंरत इसकी जानकारी टोल प्लाजा के कर्मचारी को मिल जाएगी।
देश में कहीं भी वाहन चोरी होने पर साफ्टवेयर में अपडेट होगा डेटा
किसी भी शहर में अगर कोई वाहन चोरी होता है और वाहन मालिक द्वारा उसकी पुलिस रिपोर्ट दर्ज करवाई जाती है तो उस वाहन की चोरी होने की घटना की सारी जानकारी एवं नंबर साफ्टवेयर में अपलोड कर दी जाएगी। जिसके बाद यह साफ्टवेयर के जरिए किसी भी टोल प्लाजा से चोरी के वाहन के गुजरने से उसकी जानकारी तुंरत मिल जाएगी।
इससे वाहन चोरी के मामलों को हल करने में काफी मदद मिलेगी। इसको लेकर सूबा सरकार के अधिकारियों की केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ मीटिंगों का दौर चल रहा है। जल्द ही इस सिस्टम को सूबे के सभी टोल प्लाजा पर शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, टोल प्लाजा पर पुलिस चौकी बनाने को लेकर भी विचार चल रहा है।
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August 25, 2020 at 04:48AM
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