Amazon

Wednesday, August 26, 2020

जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश, 2 दिन बूंदाबांदी के आसार पहाड़ों में बारिश के चलते सतलुज में बहाव बढ़ा, पिछले साल के मुकाबले कम

मानसून में हिमाचल और पंजाब के भीतर के पहाड़ी एरिया में बारिश से सतलुज में पानी का फ्लो बढ़ा है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। मंगलवार को सतलुज के एन्क्रोचमेंट एरिया में बारिश हुई, जिससे सतलुज में पानी के बहाव में तेजी आई है।
मंगलवार को सिटी के अंदर एक घंटा हलकी बारिश हुई। ये बारिश साढ़े दस बजे के करीब शुरू हुई, जिसके बाद जालंधर सिटी में मौसम ड्राई हो गया। मगर, फिर दोपहर को एनआईटी एरिया में आधा घंटा बारिश हुई। जालंधर सिटी के अलावा दोपहर करीब 1 बजे फिल्लौर के पास हाइवे एरिया में बीस मिनट पानी बरसा है। वहीं गोराया बेल्ट में भी चंद मिनट पानी बरसा।

दोपहर डेढ़ बजे लाडोवाल टोल प्लाजा पर चंद मिनट पानी गिरा है। जालंधर सिटी के नकोदर रोड एरिया में भी महीन बारिश हुई। अगले 48 घंटे बादल छाए रहने के साथ, महीन बूंदाबांदी संभव है। जालंधर रीजन में दिन का टेंपरेचर 36 डिग्री पहुंच गया है। उमस से दिक्कत हुई लेकिन सुबह-शाम राहत रही है। जालंधर रीजन में 28-29 अगस्त को भरपूर बारिश और तेज हवाएं चलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सतलुज के किनारे लोगों ने कहा- पिछले साल रेलवे पुल को छू रहा था पानी

फिल्लौर में सतलुज के किनारे खेती करने वाले रविंदर सिंह ने कहा कि पिछले साल इन दिनों में सतलुज में इतना पानी था कि ये रेलवे पुल का सबसे ऊंचा लेवल छू रहा था। इन दिनों तो पानी सुरक्षित स्तर पर है। पिछले साल धान की फसलें पानी में डूब गईं थीं। इस साल पिछले हफ्ते तक हमने धान पर केमिकल का सप्रे का फैसला रोक रखा था, पहले बारिश का रुख देखना चाहते थे।

अब अगर साधारण स्तर पर पानी का लेवल बढ़ भी जाता है तो सतलुज के धुस्सी बांध के अंदर की फसल इसमें भी जिंदा रहने की हालत में आ चुकी है, ऊंचे खेत बचे रहेंगे। फिलहाल भाखड़ा से पानी का फ्लो न होने के कारण सुरक्षित तरीके से अपने स्वभाव के अनुसार पानी बह रहा है। भाखड़ा में पानी का लेवल 1680 फीट सबसे ऊंचा होता है, जिसे पानी को छूने से रोकने के लिए पानी के फ्लड गेट खोले जाते हैं। इस बार अभी तक 24 फीट का इस लेवल से अंतर है। इस लिए सब सुरक्षित हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सतलुज नदी में पानी के साथ पहाड़ों की लाल मिट्‌टी बहकर आ रही है जिससे पूरी नदी ने लाल रंग ओढ़ लिया है। रेत के टीलों के बीच जो हरियाली पानी में है वो नहीं डूबी है और वो खूबसूरत आभा बिखेर रही है।

https://ift.tt/3jdWi2H
August 26, 2020 at 04:38AM

No comments:

Post a Comment