शिवालिक की पहाड़ियों में प्रयोग सफल रहने पर अब जालंधर में चंदन के पौधे लगाए जाएंगे। मकसूदां चौक स्थित जंगलात विभाग की नर्सरी में करीब दस हजार चंदन के पौधों की देखरेख की जा रही है। खास बात ये है कि मनरेगा नर्सरी में रखे पौधे बाकी पौधों की तरह अपनी जड़ों के जरिये मिट्टी से खुराक नहीं ले पाते बल्कि इनके साथ दाल के पौधे बोए जाते हैं ताकि उनसे जुड़कर चंदन की जड़ें उनकी खुराक लेकर पल सकें।
पौधा बड़ा होने पर अपने दम पर बढ़ेगा। लोगों को प्रति पौधे के लिए 35 रुपए देने होंगे। बाद में ये पैसे भी सरकार लोगों को वापस कर देगी। जब ये ट्रांसप्लांट करने की स्टेज पर आ जाएंगे तो किसान इन्हें ले सकेंगे। छह साल पहले शिवालिक की पहाड़ियों में चंदन के पौधे लगाए थे। उनके अच्छे नतीजे रहे थे।
ये पौधा वहां लगता है जहां पानी अधिक देर जमा न हो, इसलिए ऊंचे स्थान चुने जाते हैं। जालंधर जिले में सामान्य बारिश होती है, इस लिए चंदन के पौधे पल-बढ़ सकेंगे। कम से कम 15 साल का होने पर चंदन का पेड़ काटा जाता है। इसकी लकड़ी महकती है, इसलिए पूजा में भी इस्तेमाल होती है। परफ्यूम में डाली जाती है।
श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व से पहले 890 गांवों में लगाए जाएंगे 3.56 लाख पौधे
हरियाली का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व से पहले पहले जिले के 890 गांवों में 3,56,000 पौधे लगाए जाएंगे। डीसी घनश्याम थोरी ने बताया कि मुख्यमंत्री के अादेश पर पंचायती जमीन के अलावा छप्पड़, सड़कों के किनारे, शैक्षिक संस्थाओं, सेहत संभाल केंद्रों और अन्य स्थानों में हरियाली बढ़ाई जाएगी।
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोज़गार गारंटी एक्ट के अंतर्गत जंगलात विभाग से पौधे खरीदे जाएंगे। पौधे की देखभाल और पानी देने के लिए दो वाहन तैनात रहेंगे। सभी ब्लाक विकास और पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि एक एकड़ ज़मीन में पौधे लगाने के लिए जमीन की शिनाख़्त संबंधी रिपोर्ट तैयार कर की जाए।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
https://ift.tt/3j8ap9M
August 26, 2020 at 04:35AM
No comments:
Post a Comment