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Monday, August 24, 2020

सड़कें, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज जाम की 30% शिकायतों में निगमकर्मी मौके पर जाते नहीं, रिकॉर्ड में समस्या हल

(पंकज राय) निगम में शिकायतों के निपटारे में कर्मचारी से लेकर अफसरों तक ने फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया है। टूटी सड़कों, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट, सीवरेज ओवरफ्लो, पीने के पानी और सफाई की समस्या को लेकर लोगों द्वारा की गई शिकायतों को अफसर कागजों में दुरुस्त बता रहे हैं जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है। प्रॉब्लम सॉल्व बताकर शिकायत को रिकॉर्ड से खत्म बताया जा रहा है जबकि मौके पर समस्या जस की तस बनी हुई है। इसका खुलासा हुआ है मेयर जगदीश राजा द्वारा कराई गई पड़ताल में।

मेयर ने अपने ऑफिस स्टाफ से रिकॉर्ड में सॉल्व बताई गई समस्या पर शिकायतकर्ता से बात कर जांच कराई तो पता लगा कि मौके पर कोई सुधार नहीं हुआ है। बीते एक माह में मेयर करीब 1200 शिकायत के फर्जी निपटारे की जांच करवा चुके हैं। पता लगा है कि 30 फीसदी तक शिकायतों के निपटारे में निगम अफसर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। स्ट्रीट लाइट की शिकायत की बात करें तो फर्जीवाड़ा का आंकड़ा 50 फीसदी तक है। मेयर ने इस फर्जीवाड़े का पूरा रिकार्ड बनाकर अफसरों को आईना दिखाया है।

एम-सेवा पर रोजाना 100 कंप्लेंट्स, 85 फीसदी शिकायतें स्ट्रीट लाइट की, सीएम ऑफिस से आईं 287 कंप्लेंट्स पेंडिंग

निगम के कंप्लेंट सेंटर पर जो भी शिकायतें आती हैं, उसे दर्ज कर स्टफ एम-सेवा पोर्टल पर रजिस्टर्ड करता है। इसके अलावा सिटी के लोग भी एम-सेवा पर शिकायत करते हैं। निगम के कार्य दिवस में रोजाना औसतन 100 शिकायतें पोर्टल पर दर्ज हो रही हैं। इसमें सर्वाधिक करीब 85 फीसदी शिकायत सिर्फ स्ट्रीट लाइट की होती हैं। उसके बाद सीवरेज जाम और सफाई की शिकायत होती हैं।

निगम में एम-सेवा के अलावा ईमेल, सीवीओ, डायरेक्टर और लोकपाल सहित सीएम दफ्तर को भेजी गई शिकायत आती है। इन माध्यम से आने वाली कुल 1528 शिकायत 21 अगस्त तक पेंडिंग हैं। पेंडिंग की सूची में सीएम दफ्तर से आई 285 शिकायतें भी शामिल है। खास बात है कि आम लोगों द्वारा उच्चाधिकारियों को की जाने वाली इन शिकायतों में सर्वाधिक संख्या अवैध निर्माण की है, जबकि दूसरे नंबर पर टूटी सड़कें और फिर टूटी सड़कें और पानी की समस्या है।

मेयर बोले- कमिश्नर को भेजी फर्जीवाड़े की रिपोर्ट, एक्शन चाहिए
मेयर जगदीश राजा ने कहा कि शिकायतों के निपटारे में फर्जीवाड़े की मैंने खुद जांच कराई है। रिकॉर्ड में सॉल्व बताई गईं काफी सारी शिकायतें असल में जस की तस हैं। इस कारण शहरवासियों को लगातार समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मैंने इसकी पूरी रिपोर्ट कमिश्नर करणेश शर्मा को भेजी है। आगे उन्होंने जॉइंट कमिश्नर इनायत गुप्ता की ड्यूटी लगाई है। मुझे इस गंभीर मामले में सुधार के साथ सख्त एक्शन चाहिए। अगर एक्शन में देरी हुई, तो खुद इस मामले को देखूंगा।

  • इन 6 उदाहरणों से जानिए... शिकायतों का कैसे हो रहा फर्जी निपटारा

वार्ड-55: सीवरेज ओवरफ्लो
वार्ड नंबर 55 के नीवीं चक्की, हाउस नंबर 164 निवासी उषा रानी ने 11 अगस्त को सीवरेज ओवरफ्लो की शिकायत की। संबंधित जेई ने रिपोर्ट दी समस्या सॉल्व हो गई। जबकि 17 अगस्त को मेयर दफ्तर के स्टाफ की जांच में शिकायतकर्ता ने कहा समस्या जस के तस है।

वार्ड-67: वाटर सप्लाई
बीएसएफ कालोनी के हाउस नंबर 128 निवासी अशोक कुमार शर्मा ने 11 अगस्त को पानी की सप्लाई नहीं होने की शिकायत की। उसी दिन रिकार्ड में जेई की रिपोर्ट पर शिकायत को क्लोज कर दिया गया, लेकिन 18 अगस्त को मेयर की जांच में रिपोर्ट फर्जी मिली।

बस्ती बावा खेल: सीवरेज जाम
बस्ती बावा खेल में बाजवा आटा चक्की नजदीकी निवासी दलजीत सिंह ने 12 अगस्त को सीवरेज जाम की शिकायत की। उसी दिन इंजीनियर की रिपोर्ट पर शिकायत क्लोज कर कहा गया कि समस्या हल हो गई है। शिकायतकर्ता ने कहा कि न कोई मौके पर आया, न समस्या हल हुई है।

वार्ड-21: स्ट्रीट लाइट
वार्ड नंबर 21 में डिफेंस काॅलोनी के प्रेम दत्त ने स्ट्रीट लाइट के दो पॉइंट बंद होने की शिकायत दी। उसी दिन वार्ड 71 के गुलाब देवी रोड नजदीक शाम नगर के परमवीर सिंह ने एक पॉइंट बंद होने की शिकायत की। रिकाॅर्ड में समस्या खत्म लिखी गई जबकि दोनों शिकायतकर्ताओं ने बताया कि स्ट्रीट लाइट अब भी बंद है।

वार्ड-37: स्ट्रीट डॉग
वार्ड नंबर 37 के टैगोर नगर निवासी गुरबचन लाल ने आवारा कुत्तों की परेशानी की शिकायत 14 अगस्त को दी। अगले दिन निगम रिकॉर्ड में समस्या के निपटारे की रिपोर्ट बना दी गई, जबकि 18 अगस्त को मेयर दफ्तर के स्टाफ को शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।

वार्ड-21: स्ट्रीट डॉग
वार्ड नंबर 21, डिफेंस काॅलोनी के निवासी वीणा कौल ने आवारा कुत्तों के कारण हो रही परेशानी की शिकायत 13 अगस्त को रजिस्टर करवाई थी। उसी दिन ठेकेदार ने रिपोर्ट में समस्या हल बताई जबकि 18 अगस्त को मेयर दफ्तर की पड़ताल में शिकायतकर्ता ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या वैसी की वैसी है।



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Corporations do not go to the spot in 30% complaints of roads, water, street lights, sewerage jam, problem solved in records

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August 24, 2020 at 05:29AM

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