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Tuesday, August 25, 2020

लंदन में महाराजा रणजीत सिंह के पोते के महल की बिक्री के खिलाफ उनके वंशज, बोले-अंतरराष्ट्रीय अदालत जाएंगे

(शिवराज द्रुपद) महाराजा रणजीत सिंह के पोते और महाराजा दलीप सिंह के बेटे प्रिंस विक्टर अल्बर्ट जय दलीप सिंह के लंदन वाले महल की बिक्री पर उनके वंशजों ने ऐतराज जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को पत्र लिखकर महल पर पुश्तैनी हक जताते हुए इसकी बिक्री रुकवाने की मांग की है।

बता दें लंदन के दक्षिण-पश्चिम केनसिंग्टन के लिटिल बाॅल्टन इलाके में स्थित इस महल की कीमत 15.5 मिलियन पाउंड स्टर्लिंग (भारतीय करंसी में करीब 152 कराेड़ रुपए) तय की गई है। महाराजा रणजीत सिंह की दूसरी महारानी दातार कौर के बेटे रतन सिंह की वंशावली में शामिल महाराजा की सातवीं पीढ़ी के डॉ. जसविंदर सिंह और आठवीं पीढ़ी के एडवोकेट संदीप सिंह ने पीएम काे लिखे पत्र में कहा है कि बर्तानवी सरकार की अाेर से बनाई गई वंशावली और नियमों के मुताबिक इस महल पर वारिसों का हक बनता है। इस महल को बचाने के लिए वह अंतरराष्ट्रीय अदालत भी जाएंगे।

पहले कोहिनूर हीरा और अब महल बेचना चाह रही बर्तानवी सरकार

डॉ. जसविंदर सिंह और एडवोकेट संदीप सिंह ने कहा कि बर्तानवी सरकार ने पहले उनके परिवार का कोहिनूर हीरा अपना लिया और अब महल को बेचना चाह रही है। दाेनाें ने मांग की कि लंदन में पड़े कोहिनूर हीरे और दूसरी धरोहरों को भी संभालते हुए वारिसों को सौंपा जाए। दलीप सिंह 19वीं शताब्दी में सिख साम्राज्य के आखिरी महाराजा थे।

अपना साम्राज्य ब्रिटिश-राज के तहत आने के बाद उन्हें इंग्लैंड निर्वासित कर दिया गया था। वहां ईस्ट इंडिया कंपनी ने दलीप सिंह के परिवार को रहने के लिए महल किराए पर दिया था। डॉ. जसविंदर के अनुसार, महाराजा रणजीत सिंह के बेटे रतन सिंह महारानी दातार कौर से थे और महाराजा दलीप सिंह उनकी आखिरी पत्नी से। इस तरह रतन सिंह व दलीप सिंह भाई हुए और प्रिंस विक्टर जय दिलीप सिंह महाराजा रणजीत सिंह के पोते।



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His descendants, against the sale of the palace of Maharaja Ranjit Singh's grandson in London, spoke - will go to the international court

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August 25, 2020 at 04:53AM

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