जगत पिता श्री गुरु नानक देव जी और जगत माता सुलक्खणी जी का पावन विवाह पर्व मनाया गया है। इस पर्व को मनाने के लिए बटाला ही नहीं प्रदेश के अन्य जिलों से भी लोग पहुंचे। लेकिन कोरोना के चलते पिछले साल जितनी संगत नहीं पहुंच सकी। फिर भी सादे ढंग से मनाए गए पर्व पर गुरुद्वारा श्री कंध साहिब, गुरुद्वारा श्री डेहरा साहिब और गुरुद्वारा सतकरतारियां साहिब में संगत दिनभर उमड़ती रही।
संगत ने माथा टेका और गुरुवाणी सुनकर बाबे दा व्याह में शामिल हुए। इस दौरान गुरुद्वारा श्री कंध साहिब और श्री गुरुद्वारा डेहरा साहिब को रंगबिरंगी लाइटों से सजाया गया है। गुरुद्वारा श्री कंध साहिब में विवाह पर्व के दौरान सुबह 10 बजे श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग डाले गए थे। इसके बाद महान गुरमति समागम में रागी जत्थों, कवीश्वर जत्थों, प्रचारकों, कथावाचकों ने इलाही बाणी का मनोहर कीर्तन किया और संगत को गुरु इतिहास से अवगत करवाया।
रात 10 बजे के करीब गुरमति समागम के भोग डाले गए। अरदास के बाद हुकमनामा साहिब संगत को सरवन कराया गया। संगत में प्रसाद वितरण करने के बाद समाप्ति कर दी गई। इस दौरान पहुंची महिला जत्थेबंदियों ने गीत गाए- गलियां वटाले दियां रंग रत्तियां, जित्थे सतगुर व्याहुण आए...।
गुरुद्वारा श्री कंध साहिब और श्री डेहरा साहिब को फूलों से सजाया गया
गुरु साहिब जी के विवाह पर्व की खुशी में पिछले दो दिन से रखे श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग डाले गए। गुरुद्वारा श्री कंध साहिब, डेहरा साहिब और सतकरतारियां साहिब को सुंदर फूलों और चुनरियों की डेकोरेशन करके सजाया गया था। प्रशासन द्वारा लंगर लगाने की मनाही थी, लेकिन संगत ने आस्था दिखाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए राहगीरों को खुशी से लड्डू बांटे। इस दौरान गतके में शानदार करतब भी दिखाई दिए।
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August 26, 2020 at 05:17AM
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