देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के शहीदी दिवस और स्व. सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को इबार कांग्रेस ने सत्याग्रह के रूप में किसान अधिकार दिवस के रूप में मनाया। एआईसीसी के निर्देश अनुरूप जालंधर कांग्रेस ने सुबह 11 बजे से आधे घंटे तक संघर्ष कर रहे किसानों के समर्थन में मौन धारण कर सत्याग्रह किया गया।
इसके बाद सांसद चौधरी संतोख सिंह, एमएलए राजिंदर बेरी और बावा हैनरी की अगुवाई में स्व. इंदिरा गांधी की तस्वीर पर फूल-मालाएं चढ़ाकर उनकी कुर्बानी को याद किया। दूसरी ओर सत्याग्रह के कुछ देर बाद पंजाब टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड के चेयरमैन मोहिंदर सिंह केपी कांग्रेस भवन पहुंचे थे। कार्यक्रम खत्म होने के कारण शहरी कांग्रेस प्रधान के दफ्तर में ही बैठे। वहां मौजूद कुछ वर्करों से बात करने के दौरान ही दफ्तर की दीवार पर लगी तस्वीर देखकर केपी ने नया मसला पैदा कर दिया।
दफ्तर सेक्रेटरी को बुलाकर कर कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ मौजूदा सांसद, एमएलए और मेयर की फोटो लगी है, तो उनकी क्यों नहीं? पूर्व मंत्री राणा गुरजीत सिंह की फोटो की ओर इशारा कर कहा कि जालंधर में इनका क्या योगदान है? केपी ने कहा कि वो भी जिला से लेकर पंजाब कांग्रेस के प्रधान रहे हैं। एमएलए, मंत्री और सांसद भी रहे हैं। दफ्तर में उनकी फोटो क्यों नहीं है? साथ ही कहा कि उनके साथ ही शमशेर सिंह दूलो और प्रताप सिंह बाजवा सहित पंजाब कांग्रेस के सभी पूर्व प्रधान की फोटो लगाई जाए।

शहरी कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान अस्पताल में भर्ती
जालंधर शहरी कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान बलदेव सिंह देव कई दिनों से वायरल से पीड़ित हैं। दफ्तर सेक्रेटरी ने बताया कि प्लेटलेट्स कम होने से काफी कमजोर महसूस कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
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November 01, 2020 at 04:38AM
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