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Sunday, November 1, 2020

कैबिनेट मंत्री ने लांच की स्कॉलरशिप, बोले- केंद्र ने फंड बंद कर छात्रों को अधर में छोड़ा, शैक्षणिक सत्र 2021-22 से मिलेगा छात्रों को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का लाभ

प्रदेेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओपी सोनी ने भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व के मौके पर एससी स्टूडेंट के लिए डॉ. बीआर अंबेडकर पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की शनिवार को शुरुआत की। स्टूडेंट्स को इस स्कीम का लाभ शैक्षणिक सत्र 2021-22 से मिलेगा। मगर जिले के उन 25 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का क्या होगा, जिन्हें बीते 3 साल से पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप नहीं मिल रही है।

स्कॉलरशिप पाने के लिए 1 साल से संघर्ष कर रहे छात्रों का कहना है कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए नई स्कीम लाकर छात्रों-छात्राओं के साथ क्रूर मजाक कर रही है। उनका कहना है कि पहले सरकार पिछले 3 साल से नहीं मिली पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को जारी करे। छात्रों ने आरोप लगाया कि 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए सरकार पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का हथकंडा अपना रही है, जिससे सभी छात्र-छात्राएं वाकिफ हैं।

मंत्री ओपी सोनी ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप पाने के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों के सवाल पर कहा कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुआई में सरकार ने एससी स्टूडेंट्स के कल्याण के लिए अपना वादा बेहद कम समय में पूरा करते हुए यह स्कीम लांच कर दी है, क्योंकि केंद्र सरकार ने स्कीम के तहत फंडिंग बंद करके लाखों छात्रों को अधर में छोड़ दिया।

नई स्कीम एससी स्टूडेंट्स का उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना पूरा करने में मददगार : सोनी

मंत्री ओपी सोनी ने कहा कि नई स्कीम एससी स्टूडेंट्स के भविष्य की रक्षा करेगी और उन्हें उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना पूरा करने में मददगार होगी। साल 2018 में केंद्र सरकार ने स्कीम में कई बदलाव करके सारा वित्तीय बोझ राज्य सरकार पर डाल दिया था और केंद्रीय ग्रांट बंद कर दी थी।

डॉ. बीआर अंबेडकर पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप की शुरुआत के वर्चुअल लांचिंग समारोह के मौके पर प्रशासनिक कांप्लेक्स में मंत्री सोनी के साथ सांसद चौधरी संतोख सिंह, विधायक परगट सिंह, विधायक अवतार हैनरी जूनियर (बावा हैनरी), विधायक राजिंदर बेरी, मेयर जगदीश राजा, डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी, सीनियर डिप्टी मेयर सुरिंदर कौर, एडीसी जसबीर सिंह, डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर ऑफिसर लखविंदर सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी हरिंदरपाल सिंह, कांग्रेस लीडर अंगद दत्ता प्रमुख रूप से माैजूद रहे।

आय सीमा 4 लाख रुपए तक बढ़ी

सरकार ने ज्यादा से ज्यादा एससी विद्यार्थियों को इस स्कीम का लाभ देने के लिए इसमें आय सीमा का दायरा 4 लाख रुपए कर दिया है, जबकि केंद्र सरकार की पुरानी स्कीम में यह सीमा 2.50 लाख रुपए की थी। इस स्कीम के तहत अनुमानित तौर पर 600 करोड़ रुपए एससी स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर खर्च होंगे, जिसमें से 168 करोड़ रुपए सरकारी शैक्षणिक संस्थानों और 432 करोड़ रुपए निजी संस्थानों की तरफ से वहन किए जाएंगे। स्कीम के तहत 60 फीसदी राशि की अदायगी पंजाब सरकार की तरफ से की जाएगी, जोकि करीब 260 करोड़ रुपए बनती है।

इन छात्रों को मिलेगा लाभ...
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री की तरफ से मौके पर ही 5 छात्राओं को पंजीकरण सर्टिफिकेट भी जारी किए। ये सर्टिफिकेट ईशा, ट्विंकल, सुनैना कॉल, हरप्रीत कौर और ईशा को जारी किए गए, जिन्हें इस स्कीम के तहत लाभ दिया जाएगा। यह स्कीम एससी स्टूडेंट्स के लिए है, जोकि पंजाब (चंडीगढ़ समेत) के रहने वाले हैं और जिन्होंने अपनी 10वीं की पढ़ाई पंजाब से की है।

छात्रों को डिग्रियां तक नहीं मिल पा रहीं...

छात्र नेता दीपक बाली का कहना है कि सरकार स्कॉलरशिप के सार्टिफिकेट देकर विद्यार्थियों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ पूरे पंजाब के छात्र पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी पढ़ाई कर ली है उनको उनकी डिग्री भी मिल नहीं पा रही है। ऐसे में सरकार अपनी पाप आसानी से नहीं धो सकती, क्योंकि एक भी पैसा सरकार ने नहीं भेजा है। यह स्कीम केवल छात्रों को गुमराह करने के लिए की जा रही है।

अच्छा होता सरकार छात्रों का भविष्य बचाती... वहीं एक और छात्र नेता नवदीप दकोहा का कहना है कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के नाम पर सरकार ने छात्र और छात्राओं के साथ एक और भद्दा मज़ाक किया है। नवदीप का कहना है कि पहले सरकार को परेशान छात्रों को दाखिला दिलाने और उनकी सहायता करनी चाहिए थी, जिससे गरीब बच्चों का भविष्य बच सके, लेकिन सरकार मज़ाक करके छात्रों के साथ सार्टिफिकेट-सार्टिफिकेट का खेल रही है।

किसान, ट्रेनों को रोके जाने के सवाल से बचते रहे मंत्री...

इसके अलावा मंत्री सोनी ने किसानों की समस्याओं सहित ट्रेनों के रोके जाने को लेकर कई सवाल हुए, लेकिन मंत्री ने छात्रों के लिए सरकार के बेहतर स्कीम लांच होने की बात कहकर अन्य सवालों का जवाब देने से बचते रहे। सीएम के द्वारा स्कीम की वर्चुअल लांचिंग के बाद करीब 10 से 15 मिनट तक स्कीम के विषय में बताते रहे, मगर जैसे ही ट्रेन नहीं चलने और किसानों को लेकर सवाल हुए तो मंत्री इनके जवाब देने से बचते हुए निकल गए।



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Cabinet Minister launched scholarship, said - Center closed funds and left students in balance, students will get post matric scholarship from academic session 2021-22

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November 01, 2020 at 04:41AM

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