प्रगतिशील लेखक संघ ने आईटीआई के सामने निजी कंपनी के स्टोर के आगे किसान संगठनों के जारी धरने में कवि दरबार लगाया। जिसमें लेखकों ने साहित्य और लोगो के संघर्षों के आपसी रिश्तों परे विचार-विमर्श किया। संघ के महासचिव गुरजीत जज ने कहा कि एक लेखक ने लाखों लोगों की आवाज बनना है।
लेखकों को अपनी लेखनी के द्वारा लोगों के समर्थन की लहर में अपना योगदान डालना चाहिए। इसके बाद डॉ. दविंदर कुमार, प्रो. संधू वरियाणवी, प्रो. इकबाल सिंह चीमा, दीदार सिंह शेतरा, मनजीत कौर ने विचार पेश किए। वहीं दीप कलेर, यशवंत खट्टकड़, जसबीर दीप, हरबंस हीऊं, अजमेर सिद्धू, प्रो. बलवीर कौर, रजनी शर्मा, डॉ. बलदेव, भूपिंद्र वड़ैच, तलविन्द्र सिंह शेरगिल, दीप, इकबाल, जगदीप सिंह, किशन हीऊं ने कविताएं पेश कर किसानों के अधिकारों प्रति जागरूक किया।
अंत में किसान नेता सुरिन्द्र सिंह बैंस ने आभार व्यक्त किया। उधर दूसरी ओर किसानों ने 5 नवंबर के बंद को लेकर गांवों में बैठकों का सिलसिला तेज कर दिया है। किरती किसान यूनियन की ओर से प्रदेश खजांची हरमेश ढेसी व जिला प्रधान सुरिंदर बैंस की अगुवाई में मेहंदीपुर में बैठक की गई। किसानों ने 5 नवंबर के बंद को पूरा समर्थन देने की घोषणा की।
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November 02, 2020 at 05:09AM
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