(अनुभव अवस्थी) रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) दफ्तर में लाइसेंस बनवाने के लिए लाेगाें काे जल्दी अपाॅइंटमेंट नहीं मिलती। इसका कारण विभाग पर हावी एजेंट हैं जाे एनआईसी चंडीगढ़ द्वारा संचालित साइट तीन घंटे पहले खाेलकर महज आधे घंटे में 80 फीसदी स्लाॅट बुक कर लेते हैं। बड़े मामले का खुलासा हाेने पर सेक्रेटरी, आरटीए बरजिंदर सिंह ने कहा, मामला बेहद गंभीर है।
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को लेटर लिखकर गहन जांच करवाएंगे। आम लोगों के लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट का ऑनलाइन पोर्टल सुबह 10 बजे खुलता है, जबकि एजेंट साइट 7 बजे खोलकर 7:30 बजे तक 80% परसेंट स्लॉट बुक कर लेते हैं। इसके बाद जब अपॉइंटमेंट ले चुके आवेदक डेट लेने के लिए तय समय पर साइट खोलते हैं तो 20% ही लोगों को अपॉइंटमेंट मिल पाती है।
ऑनलाइन अपाॅइंटमेंट लेने के लिए एनआईसी द्वारा सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक वेबसाइट ओपन की जाती है। शहर में हर दिन 550 से ज्यादा लोग लाइसेंस बनवाने, रिन्यू करवाने या फिर परमानेंट करवाने के लिए अपॉइंटमेंट लेते हैं। कई महीने तक इंतजार के बाद 10 से 12 लोगों को ही एक दिन में डेट मिल पा रही है।
मौजूदा समय में आरटीए दफ्तार में लाइसेंस के लिए 50 हजार से ज्यादा की पेंडेंसी है। अपॉइंटमेंट लेने के पोर्टल का तकनीकी रूप से संचालन चंडीगढ़ से होता है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एजेंट 7 बजे के बाद कैसे वेबसाइट को खोलकर स्लॉट बुक कर रहे हैं। ऑनलाइन पोर्टल की साइट पहले खुलने की बात पर सेक्रेटरी, आरटीए बरजिंदर सिंह ने हैरानी जताई। बाेले- साइट निर्धारित समय पर ही खुलती है। अगर समय से पहले खुल रही है तो मेरी नाॅलेज में नहीं है।

पोर्टल से सेवा केंद्रों की भी मिलती है डेट
एनआईसी की इसी साइट पर सेवा केंद्रों और एसडीएम-2 के यहां लाइसेंस के लिए अपॉइंटमेंट लेने में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। यहां 12-15 दिन में लाइसेंस के लिए डेट मिल रही है। ऑनलाइन ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर लाइसेंस बनवाने के लिए आम लोगों 4 महीने से अधिक समय का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसा क्यों हो रहा है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
60 दिन तक कोई स्लॉट खाली नहीं मिलता
कोरोनाकाल के दौरान 50 हजार से अधिक लर्निंग, पक्के या फिर रिन्युअल लाइसेंस बनवाने के ट्रांसपोर्ट विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई किया है मगर 4 महीने से अपॉइंटमेंट डेट नहीं मिल पा रही। इनमें करीब 18 हजार वो आवेदक हैं जिन्होंने कोरोना वायरस के पहले अपॉइंटमेंट लिया था। हर राेज लोग अपॉइंटमेंट की डेट लेने के लिए विभागीय पोर्टल पर सर्च करते हैं मगर 60 दिन तक कोई भी स्लॉट खाली नहीं मिलता। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस वजह से हो रही देरी...
कोविड के चलते लंबे अर्से तक काम नहीं हो सका। अब वेबसाइट खुलते ही अपॉइंटमेंट के लिए लोग बढ़ गए। ऑनलाइन ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर काेरोनाकाल से पहले प्रतिदिन 450 लोगों को अपॉइंटमेंट मिलती थी। इससे के चलते अधिक लोगों के लाइसेंसों का काम हर दिन निपट जाता था, सोमवार से ट्रैक पर 160 लोगों के काम हो रहे हैं।
जून से नहीं आया नंबर
आवेदक विकास सिंह ने कहा कि जून में उन्होंने लाइसेंस पक्का कराने के ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ली थी। हर रोज वह पोर्टल पर जाकर डेट के लिए सर्च करते हैं पर अभी तक नंबर नहीं आया है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इतना ज्यादा विलंब क्याें हाे रहा है?
फरवरी में अपॉइंटमेंट लेने वालों को नहीं मिली डेट
कर्फ्यू लगने से पूर्व में 18 से 20 हजार आवेदकों ने जो लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लिया था, उन्हें कॉल नहीं किया जाएगा। सभी प्रकार के डीएल बनवाने के लिए नए सिरे से लोगों को अपॉइंटमेंट लेना पड़ेगा। ऐसे में तो करीब 16.50 लाख रुपए लोगों के विभाग के पास फंसे हुए हैं। हालांकि संदर्भ में आरटीए सेक्रेटरी बरजिंदर सिंह का कहना है कि जिन लोगों ने लॉकडाउन से पहले अपॉइंटमेंट लिया था, उनका पैसा डूबेगा नहीं, दोबारा अपॉइंटमेंट मिल जाएगा। कभी आरटीए के लंबी छुट्टी पर जाने, कभी कोरोना के कारण काम ठप रहने और कभी सरकारी छुटि्टयों के कारण आवेदकों को महीनों इंतजार करना पड़ रहा है।
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August 26, 2020 at 04:25AM
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