मनरेगा स्कीम के तहत ग्रामीण विकास की अहम योजना चलाई जा रही है। इसके तहत गांवों में विकास को तेजी से बढ़ावा देने के लिए गंदे पानी, छप्पड़ों का नवीनीकरण, नहरों, सफाई, गली-नालियों का निर्माण, पशुओं के लिए शेड, पानी की संभाल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, फ्लड प्रोजेक्टेशन के काम, प्लांटेशन के काम सरकारी खर्च के तौर पर हो रहे हैं। इसके तहत सबसे अहम कुदरत की देन पानी को नालियों और सीवरेज में बहाने की बजाय, इसको छतों के जरिए जमीन में रिचार्ज करने के लिए गांवों में वेल बनाने शुरू कर दिए हैं।
डार्क जोन में लुधियाना, उबारने को रिचार्ज पिट सहायक
प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए ब्लॉक और पंचायत अफसर नवनीत जोशी ने बताया कि मनरेगा तहत जॉब कार्ड होल्डरों को व्यक्तिगत लाभ देते हुए घरों और स्कूलों में बारिश के पानी की संभाल के लिए जमीन अंदर पानी को रिचार्ज करने के लिए पिट बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बारिश के पानी को सीवरेज और नालियों में बहाने की बजाय आज हर शहरवासी और गांव वासियों को घरों में ही छतों से बारिश के पानी को जमीन में रिचार्ज करने के साधन बनाने चाहिए, ताकि भविष्य में गिरते भूजल को बचाया जा सके। हालांकि इस समय लुधियाना डार्क जोन में हैं और इसे उबारने के लिए रिचार्ज पिट काफी महत्वपूर्ण काम देगी।
बारिश का पानी जाता है पिट में
गांव ग्राम पंचायत धोल खुर्द हरटहल सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल में मनरेगा तहत वाटर रिचार्ज पिट बनवाई है। यह रीचार्ज पिट बहुत ही बढ़िया काम कर रही है। अब बरसात के दौरान स्कूल की छत का सारा पानी रीचार्ज पिट में जाता है, जो कि पहले यह पानी नालियों में बह जाता था।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
https://ift.tt/2Ei8kt2
August 24, 2020 at 05:13AM
No comments:
Post a Comment