डिप्टी कमिश्नर अरविन्द पाल सिंह संधू ने बताया कि कोविड-19 के मद्देनजर इस बार खरीद केन्द्रों में विस्तार किया गया है। पिछले साल 31 खरीद केन्द्रों में धान की खरीद हुई थी जबकि इस बार कोविड-19 के चलते 91 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इस बार 45 आरजी रॉयस मिल और मंडी यार्ड बनाए गए हैं जिससे किसान भीड़भाड़ मुक्त वातावरण में धान की बिक्री कर सकें।
डीसी द्वारा धान की खरीद को लेकर किए जाने वाले अग्रणी प्रबंधों संबंधी अलग-अलग खरीद एजेंसियों, मंडी बोर्ड के अधिकारियों के साथ मीटिंग की गई। इसके मद्देनजर उन्होंने अधिकारियों को मंडियों में धान की खरीद के लिए हर तरह के अग्रणी प्रबंध मुकम्मल करने के आदेश दिए। इस मौके पर उन्होंने किसानों से अपील की कि वह सिर्फ सूखा धान की फसल ही मंडियों में लाएं जिससे उनको अपनी फसल बेचने के लिए किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस मौके पर उन्होंने किसानों से अपील की कि पराली को आग न लगा कर मिसाल पैदा करनी चाहिए।
डीसी ने बताया कि जिले में धान की खरीद के लिए 91 खरीद केंद्र हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल 1,20,686 मीट्रिक टन धान की आमद हुई थी। इस साल 1,23,686 मीट्रिक टन धान की आमद होने की उम्मीद है। खरीद एजेंसियां पनग्रेन, मार्कफैड, पनसप, स्टेट वेयर हाउस, पंजाब एग्रो और एफसीआई के अधिकारियों को जिले की समूह अनाज मंडियों, फोकल प्वाइंटों और खरीद केन्द्रों और किसानों की सुविधा के लिए पीने वाले पानी, मंडियों के फड़ों की साफ-सफाई, बिजली और छाया आदि के जरूरी प्रबंध करने के आदेश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को हिदायत की कि वे खरीद केन्द्रों के फाटकों पर नमी मापक यंत्र के द्वारा किसानों द्वारा लाई जाने वाली धान की फसल को मापने से उपरांत ही मंडी में दाखिल होने दें। डीसी ने किसानों से अपील की कि वह 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की फसल मंडियों में न लाएं। इस मौके एस.डी.एम. जलालाबाद सूबा सिंह और विशेष तौर पर उपस्थित थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
https://ift.tt/369fqf9
September 27, 2020 at 04:00AM
No comments:
Post a Comment