आम आदमी पार्टी बुधवार से सभी गांवों के सरपंचों से अपील कर कृषि कानूनों के विरोध में ग्राम सभा बुलाएगी। मुहिम के अंतर्गत ही भगवंत मान खुद गांवों में जाकर ग्राम सभा बुलाएंगे। साथ ही कानून का डटकर विरोध करेंगे। ये जानकारी भगवंत मान ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में दी। पंजाब मामलों के इंचार्ज, विधायक जरनैल सिंह और विपक्ष की उप-नेता बीबी सरबजीत कौर माणुके के साथ मान ने भाजपा, कांग्रेस, शिअद पर किसान विरोधी होने के आरोप लगाए।
मान ने ग्राम पंचायतों-सभाओं को लोकतंत्र की जड़ें करार देकर कहा कि लोकतंत्रीय व्यवस्था का गला दबा कर देश खासकर किसानों पर थोपे जा रहे काले कानूनों को लागू होने से रोकने के लिए गांवों की ग्राम सभाएं कारगर हथियार साबित हो सकती हैं। भगवंत मान ने पंजाब के समूह सरपंचों से अपील की कि राजनीति से ऊपर उठकर गांवों में ग्राम सभा बुलाओ और इस कानून का डटकर विरोध करो।
जनरैल सिंह ने कहा कि ‘आप’ ने पूरे पंजाब में शुरू की मुहिम ग्राम सभा लाओ, गांव बचाओ-पंजाब बचाओ मुहिम के अंतर्गत यदि किसी ने भी ग्राम सभा से जुड़ी कोई जानकारी लेना चाहता है तो उसके लिए आप पंजाब जल्दी ही हेल्पलाइन नंबर जारी करेगी।
बादलों ने घोंपा किसानों की पीठ में छुरा
बादलों ने कृषि विरोधी कानूनों की महीनों से जोरदार वकालत कर किसानों की पीठ में छुरा घोंपा है। एक तरफ सुखबीर रैलियां रख रहे हैं और किसानों के संघर्ष को ‘तारपीडो’ कर किसानों के हितों में भाषण दे रहे हैं। वहीं, कैप्टन कह रहे हैं कि इन कानूनों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और इन किसान विरोधी घातक बिलों को हरसंभव वापस करवा कर रहेंगे।
वास्तविकता यह है कि कैप्टन-बादल दोनों नाटक कर रहे हैं, इन दोनों ने मिलकर कृषि विरोधी काले कानूनों को पास करवाने में अहम भूमिका निभाई है और अब किसानों समेत हर वर्ग को गुमराह कर रहे हैं। कैप्टन कह रहे हैं कि वह ऑल पार्टी मीटिंग बुलाएंगे, जोकि अभी तक बुलाई नहीं गई।
2022 के चुनावों में भाजपा सभी 117 विस सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार : शर्मा
अकाली-भाजपा गठबंधन टूटने के चंद दिनों में ही दोनों पार्टियों में अब राजनीतिक सरगर्मियां काफी बढ़ने लगी हैं। पंजाब भाजपा प्रधान अश्वनी शर्मा मंगलवार को शहर पहुंचे, जहां उन्होंने जिला प्रधान पुष्पेंद्र सिंगल की अगुवाई में अकाली नेताओं को भाजपा में शामिल करवाया।
बता दें कि भाजपा में शामिल होने वाले अकाली नेता रविंदर वर्मा और गुरदेव सिंह पहले पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबड़िया और पूर्व सीएम परकाश सिंह बादल के करीबी रह चुके हैं। अश्वनी शर्मा ने ऐलान किया कि 2022 के चुनावों में इस बार भाजपा 117 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने जा रही है।
किसानों को गुमराह कर रही शिअद-कांग्रेस
शर्मा ने कहा कि किसानों के बिल को पास करने से पहले तीन महीने तक सुखबीर बादल लगातार संपर्क में रहे हैं और बिल के बारे में उन्हें पूरी जानकारी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर कटाक्ष कर कहा कि उन्होंने या तो बिल पढ़ा नहीं है, अगर पढ़ा है तो किसानों को जान-बूझकर गुमराह कर रहे हैं। कांग्रेस की तरफ से किसानों को गुमराह करने के अलावा और कुछ नहीं है, क्योंकि गुमराह करते समय ये बिल की असलियत बात तो किसानों को बता ही नहीं रहे हैं, जबकि जो बिल में बात नहीं है, वो अपनी तरफ से जोड़कर किसानों को गुमराह करने के लिए कही जा रही हैं।
उन्होंने किसानों से अपील की कि भाजपा की तरफ से एक कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो किसानों से मुलाकात करते हुए उनकी हर बात का जवाब देगी और बिल उनके हक में है, इसके बारे में जागरूक किया जाएगा।
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September 30, 2020 at 04:46AM
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