कोरोना पॉजिटिव केसों की बढ़ती संख्या के बाद सेहत सुविधाओं को लेकर भी सेहत विभाग की चिंता को बढ़ा दिया है। वर्तमान में सबसे ज्यादा समस्या आक्सीजन सिलेंडरों को लेकर आ रही है। सेहत विभाग की मानें तो 20 अगस्त से लेकर सितंबर में अब तक कोरोना मरीजों की संख्या 5228 तक पहुंच गई है। इस स्थिति में जहां पहले प्रतिदिन सिविल अस्पताल में 3 छोटे व 4 बड़े सिलेंडरों की खपत थी, वहीं अब यह बढ़कर प्रतिदिन 25 पहुंच गई है। यही स्थिति प्राइवेट अस्पतालों की है जिसमें 50 से बढ़कर सिलेंडरों की संख्या 200 सिलेंडर प्रतिदिन पहुंच गई है।
वही छोटे सिलेंडरों की खपत में कमी आई है। फिलहाल राज्य सरकार ने इस बाबत निरंतर बढ़ रही आक्सीजन सिलेंडरों की मांग के मद्देनजर गोबिंदगढ़ में हाल ही में शुरू हुए गैस प्लांट से समझौता कर सप्लाई को दुरुस्त करने का दावा किया है जहां से प्रतिदिन 200 सिलेंडरों की सप्लाई मिलने की उम्मीद है। इसमें राहत वाली बात यह है कि उक्त सिलेंडरों की कीमत बाजार में वर्तमान मूल्य पर ही मिलेगी। इससे आक्सीजन को लेकर काला बाजारी पर भी पूरी तरह से रोक लगने की उम्मीद है।
कोविड काल में मरीजों के लिए संजीवनी का काम करने वाली उक्त मशीन को संचालित करने की तरफ न तो जिला प्रशासन और न ही सेहत विभाग ने आज तक दिलचस्पी दिखाई है बल्कि कागजी कार्रवाई के तहत समय-समय पर हेल्थ सिस्टम कार्पोरेशन को पत्र व्यवहार कर कर्मियों की डिमांड संबंधी बात जरूर की जा रही है।
जिले में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। शहर में रोजाना औसतन 70 से 80 नए कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। वर्तमान में जिले के अंदर 5228 पॉजिटिव केस आ चुके हैं। इसमें 979 एक्टिव केस है। इसमें 40 से 55 मरीज 65 और 75 वर्ष से अधिक उम्र वाले मरीज भी आ रहे है, जिन्हें आक्सीजन की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ रही हैं। ऐसे में कोरोना के मरीज बढ़ने से शहर के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में 50 फीसदी आक्सीजन सिलेंडरों की मांग बढ़ गई है। कोरोना काल में पॉजिटिव मिल रहे हैं और इस वायरस का असर फेफड़ों पर ही सबसे ज्यादा पड़ता है।
लिहाजा सांस की तकलीफ होने पर ऑक्सीजन की जरूरत सबसे ज्यादा पड़ती है। अब हालात ये हैं कि पहले जिले के विभिन्न अस्पतालों में प्रतिदिन आक्सीजन की 100 सिलेंडर की खपत थी, जोकि अब बढ़कर 300 तक पहुंच गई है। यह डिमांड पिछले डेढ माह में से बढ़ी है, चूकिं कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ रही है। एक दम आक्सीजन की डिमांड बढ़ने से इसकी बिक्री करने वाले व्यापारियों के पास आर्डर की डिमांड बढ़ गई हैं, वहीं डिमांड अनुसार इसकी सप्लाई निजी अस्पतालों में नहीं होने के कारण आने वाले दिनों में इसके रेटों में इजाफा हो सकता हैं।
सिविल अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट सुरिंदर कुमार ने बताया कि अस्पताल में आक्सीजन सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है, विभाग द्वारा गैस सप्लाई व रेट संबंधी गैस प्लांट संचालक से ही रेट फिक्स है। इसमें कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। सप्लाई लगातार आ रही है। उन्होंने बताया कि 20 अगस्त से पहले छोटे सिलेंडरों की खपत थी, लेकिन इधर कोरोना मरीजों की संख्या में अचानक बढोत्तरी हुई जिससे अब बड़े सिलेंडरों की खपत बढ़ी है।
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September 26, 2020 at 05:11AM
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