Amazon

Friday, September 25, 2020

सरकारी फर्नीचर खरीद पर दो बीपीईओ आमने-सामने, नए ने पुराने पर बिना कमेटी बनाए सामान खरीदने के लगाए आरोप

एक बीपीईओ (ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर) ने 4 महीने पहले एक फर्म से ऑफिस के लिए लाखों रुपए का फर्नीचर मंगवाया था, लेकिन अभी तक इसकी पेमेंट नहीं करवा पाया है। जबकि दूसरी तरफ उसकी जगह पर नए आए अधिकारी का कहना है कि पुराने बीपीईओ ने जो किया बिल्कुल गलत किया है। क्योंकि ऑफिस में सामान मंगवाने के लिए कमेटी की मंजूरी जरूरी होती है, लेकिन अभी तक वहां कमेटी बनी ही नहीं।
चार महीने पहले ब्लॉक डेरा बाबा नानक-2 ऑफिस में बोधराज इंचार्ज थे और उन्हें बीपीईओ की पावर दी गई थीं। बोधराज ने बिना कमेटी गठित किए ही ऑफिस के लिए फर्नीचर, अलमारियां, कुर्सियां, टेबल आदि खरीद लिए। अब वो उक्त सामान का बिल पास करवाने को लेकर डीईओ प्राइमरी ऑफिस गुरदासपुर के चक्कर काट रहा है। जिस समय बीपीईओ ने सामान मंगवाया उस समय उसके पास 4 जगहों का अतिरिक्त चार्ज था।

इस संबंध में पुराने बीपीईओ बोधराज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सामान की पेमेंट हो गई है और इस संबंधी नए बीपीईओ से भी बात हो चुकी है। जिला शिक्षा अधिकारी प्राइमरी सुरजीत पाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंधी कोई जानकारी नहीं और न ही ऐसी कोई बात उनके नोटिस में है। वो बीपीईओ से बात करके जानकारी लेंगे।

कमेटी का सरकारी रिकॉर्ड नहीं : नए बीपीईओ नीरज
उक्त ऑफिस के नए बीपीईओ नीरज कुमार ने कहा कि वो आज (वीरवार) डेरा बाबा नानक-2 जा रहे हैं। वहां पर कमेटी का गठन करना है। इससे पहले वहां कोई कमेटी नहीं थी। पुराने बीपीईओ ने मौखिक कमेटी बना रखी थी। इसका कोई सरकारी रिकार्ड नहीं है। मेरे चार्ज लेने के बाद यह सारी बात सामने आई है कि पुराने बीपीईओ ने बिना कमेटी के ही फर्नीचर मंगवाया है। बाकी उन्होंने क्या-क्या सामान मंगवाया है। इस संबंधी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Two BPEOs face to face on the purchase of government furniture, the new one accuses the old of buying goods without making a committee

https://ift.tt/364dggI
September 25, 2020 at 04:00AM

No comments:

Post a Comment