(जगनदीप सिंह) स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में सफाई में 286वें रैंक पर लुढ़कने के बाद अब निगम कमिश्नर ने इसके सुधार के लिए रणनीति तैयार की है। स्ट्रेटजी के अनुसार गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग किया जाएगा। मोहल्लों में बनाए जाने वाले पिट्स में इससे खाद तैयार की जाएगी। इसमें गीले कूड़े को कंपोस्ट पिट्स और सूखे कूड़े को मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी में निपटारे के लिए लाया जाएगा।
इन पिट्स से कोई बदबू नहीं आएगी, जबकि इसे पूरी तरह से शेड लगाकर कवर किया जाएगा, ताकि कूड़ा न दिखे। सरकार की हिदायतों के अनुसार शहर से डंप खत्म कर दिए गए हैं। फिलहाल निगम के पास सफाई कर्मियों और कूड़ा उठाने वाले वाहनों की कमीं है, इसके लिए निगम ने सरकार को लिखा भी है। नगर निगम कमिश्नर बलविंदर सिंह ने बताया कि सफाई अभियान के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में पूरे पंजाब में से बटाला गंदी सिटी डिक्लेयर होने के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं।
अपने शहर के सुधार के लिए गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने की रणनीति बनाई है, इसके तहत निगम कर्मचारी आपके घरों में आएगा और कूड़ा लेने के लिए आवाज लगाएगा। आपको भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अपने घर में गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखना होगा, इसके लिए अलग-अलग डस्टबिन लगाए जाएं।
सब्जियां-फल आदि गीले कूड़े वाले डस्टबिन में डालें, जबकि बोतल, प्लास्टिक आदि सामान सूखे कूड़े वाले डस्टबिन में। सफाई कर्मी की ट्राली या रेहड़ी में बने अलग-अलग खानों में गीले की जगह गीला और सूखे की जगह सूखा कूड़ा डाला जाएगा।
शहर में 50 कर्मचारी डोर-टू-डोर उठा रहे कूड़ा, 110 और चाहिए
निगम सुपरिंटेंडेंट निर्मल सिंह ने बताया कि फिलहाल 50 कर्मचारी डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने में लगे हैं। जबकि इस काम में मैन पॉवर की ज्यादा जरूरत है। इसलिए हमने आउटसोर्स पर 110 ओर कर्मचारी रखने के लिए सरकार को लिखा है। फिलहाल अभी एक टीम बनाई है, इसमें 2 कर्मचारी, 1 सुपरवाइजर और 1 मोटीवेटर शामिल हैं। लोगों को गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने के लिए मोटीवेटर जागरूक करेगा।
उन्होंने बताया कि 5 ई-रिक्शा सरकार की तरफ से इस काम के लिए चल रहे हैं, जबकि कमिशनर की राय अनुसार जो निगम के पास कूड़ा उठाने की ट्रालियां हैं, उसमें ही विभाजन करके अलग-अलग हिस्से बनाकर गीला और सूखा कूड़ा डालने में प्रयोग करें। इसके लिए भी छोटे हाथी जो कूड़ा उठाने में सहायक हैं, इनकी भी डिमांड सरकार से की है। उन्होंने बताया कि भंडारी गेट इलाके में पिट्स बन चुका है। जबकि 8 ओर जगहों पर पिट्स बनाने का चयन किया जा चुका है। बाकी जगहों पर भी यह काम जल्द पूरा होगा।
पिट पूरी तरह किए जाएंगे कवर, इनसे बदबू नहीं आएगी
निगम कमिश्नर ने बताया कि सफाई कर्मियों की तरफ से कूड़ा लेने के बाद हर मोहल्ले में बने पिट्स के अलग-अलग बाक्स में डाला जाएगा। यह पिट्स बनाने का काम शुरू है। इन पिट्स से कोई बदबू नहीं आएगी। पिट्स को बढ़िया तरीके से कवर किया जाएगा, किसी तरफ से कूड़ा दिखेगा नहीं। लोग इसमें भी ऐतराज जता रहे हैं कि सारे शहर का कूड़ा उनके मोहल्ले में बने पिट्स में ही क्यों ले आए, लेकिन हम बताना चाहते हैं कि हर मोहल्ले में अपना पिट्स होगा, जिसमें उसी मोहल्ले का ही कूड़ा डाला जाएगा।
पिट्स में गीले कूड़े से 40 दिन में कंपोस्ट (खाद) तैयार हो जाती है। इसके अलावा सूखे कूड़े को मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी में ले जाकर कांच, प्लास्टिक, गत्ते आदि को अलग-अलग करके रिसाइकिल किया जाएगा।
पॉलिथीन बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा
कमिश्नर बलविंदर सिंह ने कहा कि पॉलिथीन बैन है। प्लास्टिक के लिफाफे का प्रयोग लोग व दुकानदार न करें। क्योंकि यही पॉलिथिन कूड़े व सीवरेज प्रणाली में बाधा बनते हैं। नगर निगम की ओर से पॉलिथीन बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए टीमें बनाईं जाएंगी। पॉलिथीन बरामद होने पर पैनल्टी के साथ-साथ लिफाफे भी जब्त होंगे।
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September 25, 2020 at 04:00AM
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