केंद्र के कृ़षि आर्डिनेंस बिल के खिलाफ लगातार रोष-प्रदर्शनों के बाद 25 सितंबर को पंजाब बंद के दौरान किसान खेतों को छोड़कर ट्रैक्टरों व ट्रालियां लेकर उतरे तथा जिला बठिंडा में मुख्य चौंक के अलावा रेलवे ट्रैक पर भी केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया। नारेबाजी करते हुए किसान यूनियनों व किसानों ने कृषि बिल को किसान विरोधी बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। कोरोना गाइडलाइन को दरकिनार कर बठिंडा तथा मौड़ में काफी बड़ी संख्या में भाकियू एकता सिद्धूपुर तथा भाकियू क्रांतिकारी के किसान सड़कों पर उतरे, वहीं रामपुरा में रेलवे ट्रैक पर तंबू व दरिया बिछाकर कृषि बिल का विरोध करते नजर आए।
हालांकि रेलवे ट्रेनों का शैडयूल नहीं होने से अधिक समस्या नही हुई। बठिंडा-गोनियाना रोड पर भाई घनैया चौंक में भारतीय किसान यूनियन उगराहां तथा एकता सिद्धपुर के किसान सदस्यों ने पूरा चौंक जाम किया तथा शाम तक रोड पर विरोध के लिए डटे रहे। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के अलावा शिअद भी कृषि बिल के विरोध में सड़कों पर उतरा। शिअद प्रधान सांसद सुखबीर बादल ने एलान के अनुसार ट्रैक्टर पर कृषि बिल का विरोध किया तथा उनकी धर्मपत्नी व पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी उनके साथ मौजूद थीं। वहीं बठिंडा आईटीआई चौंक में अकाली वर्करों ने हलका इंचार्ज सरूप सिंगला की अगुवाई में धरना दिया। बठिंडा शहर के व्यापारियों ने शहर पूरी तरह बंद रखकर किसानों का समर्थन किया। वहीं व्यापारियों के अलावा कांग्रेस नेताओं, आम आदमी पार्टी, अध्यापकों, बिजली कर्मचारियों, आम जननीति पार्टी तथा पैट्रोलपंप एसोसिएशन के अलावा सामाजिक संगठनों ने भी किसानों का समर्थन किया।
बठिंडा शहर में बड़ी संख्या में किसान संगठनों के सदस्य भाई घनैया चौंक पर ट्रैक्टर ट्रालियों में पहुंचे जहां भाकियू एकता सिद्धूपुर व भाकियू उगराहां के किसान नेताओं ने कृषि बिल को लेकर सरकार का विरोध जताया। हालांकि सड़कों पर ट्रैफिक बंद होने की वजह से जाम आदि की बेहद कम समस्या आई, लेकिन काफी बड़ी संख्या में किसानों ने पहले रोष मार्च निकाला तथा बाद में चौंक पर धरना दिया। पूरी सड़क को ट्रैक्टर ट्रालियों से कवर कर दिया गया था। वहीं रामपुरा में बठिंडा पटियाला रेलवे ट्रैक पर किसानों ने तंबू लगाकर दिन भर प्रदर्शन किया।
हालांकि ट्रेनें स्थगित रहने से कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई। वहीं रामपुरा चौंक पर भी भाकियू एकता सिद्धूपुर व भाकियू क्रांतिकारी यूनियन के नेताओं ने कहा कि बड़ी कंपनियों के हाथों में सरकार खेल रही है। बठिंडा में भाकियू उगराहां के प्रांतीय सचिव शिंगारा सिंह मान ने कहा कि किसानों का विरोध उचित है तथा जब तक केंद्र इस किसान विरोधी बिल को वापस नहीं लेता, किसान हक के लिए प्रदर्शन करेंगे। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी कृषि बिल का भाई घनैया चौंक पर जाकर विरोध कर किसानों को समर्थन दिया। इस मौके पर अनिल ठाकुर, नील गर्ग व पार्टी नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
शिरोमणि अकाली दल ने भी किया खेती ऑर्डिनेंस का विरोध
गांव बादल में शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर केंद्र के कृषि बिल का विरोध किया, जहां उनकी धर्मपत्नी व पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी मौजूद थीं। सुखबीर बादल ने कहा कि किसानों के समर्थक रहा अकाली दल किसान हितों का नुकसान नहीं होने देगा, वहीं हरसिमरत कौर बादल ने भी सुखबीर बादल का समर्थन किया। वहीं शिअद हलका इंचार्ज सरूप सिंगला के नेतृत्व में आईटीआई चौंक पर शिअद नेताओं व कार्यकर्ताओं ने धरना लगाया।
पूर्व विधायक सरूप सिंगला व दर्शन कोटफत्ता ने कहा कि मोदी सरकार ने अपनी ही सहयोगी पार्टी शिअद से कृषि आर्डिनेंस में कहने के बावजूद संशोधन नहीं कर धोखा किया है, जिसके कारण शिअद ने संसद में बिल के खिलाफ वोट डाला व हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्रीपद से इस्तीफा देकर किसान हितों की रक्षा करने की बात कही व कहा कि इस बिल से आढ़तियों को भविष्य में बहुत अधिक नुकसान होगा। इस मौके पर डा. ओम प्रकाश शर्मा, चमकौर मान, निर्मल संधू, राजविंदर सिंह, हरविंदर गंजू, गुरसेवक मान, दर्शन, विजय शर्मा, हरजिंदर शिंदा, गुरमीत कौर, गुरबचन खुब्बन, जलंधर सिंह, कुलदीप नंबरदार, तेजा सिंह, बिंदर सिंह, राकेश, दीनव, गोविंद, अमन, गुरप्रीत बेदी, कुलदीप, अमरजीत, मनमोहन कुक्कू, धन श्याम मौजूद थे।
विद्यार्थी व अध्यापकों ने भी निकाला रोष मार्च
व्यापारिक व सामाजिक संगठनों ने भी इस कृषि बिल पर किसानों का समर्थन किया। व्यापार मंडल बठिंडा के प्रधान राजिंदर राजू, पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के प्रधान अमित कपूर, माल रोड एसोसिएशन के प्रधान हरजिंदर मेला के अलावा पैट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के चेयरमैन राज नंबरदार, अध्यापक यूनियन, बिजली कर्मचारी, आम जननीति पार्टी के अलावा सामाजिक संगठनों बठिंडा सोशल ग्रुप, नागरिक एकता मंच, साहित्य सभा, तर्कशील सोसायटी, भाई घनैया सेवा सोसायटी, आढ़तिया एसोसिएशन, मेडिकल प्रेक्टिशनर्स एसोसिएशन, स्पोटर्स क्लब, बठिंडा पुलिस पेंशनर्ज एसोसिएशन के अलावा जमहूरी अधिकार सभा व भीम आर्मी तथा विद्यार्थी व अध्यापक संगठनों ने भी कृषि बिल के विरोध में मार्च निकाला।
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September 26, 2020 at 04:59AM
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