कोरोना मरीजों के सैंपलों की जांच को लेकर गुड़गांव की एसआरएल लैब मैनेजमेंट और सरकार आमने-सामने है। एसआरएल डायोग्नोस्टिक ग्रुप के सीईओ अरिंदम हलदर ने दावा किया है कि उनकी लैब में हुई जांच बिल्कुल सही है। सरकार चाहे तो उनके पास रखे आरएनए की जांच पूणे लैब में भी कराई जा सकती है। उन्होंने इस मामले के बारे में सरकार से शॉ-कॉज नोटिस मिलने के बाद आईसीएमआर को भी अवगत करा दिया था। लैब के डॉ अनुराग बंसल ने कहा कि लैब में गुड़गांव सीएमओ ने टीम भेजी थी, उन्हें पूरा प्रोसेस दिखाया।
साथ ही लिखित में भी उन्हें बताया गया है कि किस प्रकार से पूरा प्रोसेस किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भले ही सैंपल नहीं भेज रही। परंतु लैब में कोरोना की जांच की जा रही है। आईसीएमआर ने ही सबकुछ देखने के बाद ही अनुमति दी थी। एक सवाल के जवाब में डॉ. बंसल ने कहा कि दो अन्य लैब में जांच रिपोर्ट नेगेटिव कैसे आई, इस पर तो कुछ नहीं कहूंगा। लेकिन कोई बार बॉडी के हिसाब के साथ रिपोर्ट नेगेटिव आ सकती है।
इसके अलावा सैंपल लेने का तरीका सही न होने पर भी कई रिपोर्ट सही नहीं आती। परंतु हमारी रिपोर्ट सही है। इधर, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि उनके कहने से कुछ नहीं होता। हमने उनके बाद अंबाला के चार मरीजों दोबारा जांच कराई तो वह नेगेटिव मिली है, उन्हें डिस्चार्ज कर घर भी भेज दिया है। उनका कहना है कि गुड़गांव में भी ऐसे मामले मिले हैं। अभी पांच एक्सपर्ट की कमेटी जांच कर रही है।
सेनेटाइज करते झुलसे 33 कर्मियों को मिलेगा मुआवजा
कोरोना से लोगों के बचाने के लिए प्रदेश भर सेनेटाइज के काम में जुटे 33 कर्मचारियों के झुलसने पर प्रत्येक को 20-20 हजार रुपए मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। यह घोषणा नगर निकाय मंत्री अनिल विज ने की है। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने कई मांगों को लेकर आवाज उठाने पर मंत्री ने उन्हें अंबाला में अपने घर वार्ता के लिए बुलाया था। विज ने कहा कि हमारे पास शब्द नहीं है कि किस तरह से नगर पालिका का कर्मचारियों ने पूरे प्रदेश की गली-गली, मोहल्ला-मोहल्ला सेनेटाइज कर दिया।
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दैनिक भास्कर,,1733
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