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Sunday, April 26, 2020

काेराेना काे हराने पर पूरा ध्यान पर मच्छरों का बढ़ गया आतंक

कोरोना काे हराने में नगर निगम ने पूरी ताकत झाेंक दी है, लेकिन अब शहर में नई बीमारी दस्तक देने काे तैयार है। क्याेंकि मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। इससे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारी हाेने का खतरा मंडराने लगा है। भास्कर की रियलिटी चेक में 40 वार्ड के करीब 200 लाेगाें ने बताया कि पिछले एक माह से लाॅकडाउन में वे घर पर हैं। इस दाैरान सबसे बड़ी परेशानी मच्छर है। शाम हाेते ही उन्हें एंटी मॉस्किटो क्वाॅइल या लिक्विड का सहारा लेना पड़ रहा है। साथ ही कहा कि पिछले एक माह से एक बार भी उनके घर के अासपास फॉगिंग नहीं हुई है।
जलजमाव से खतरा, सुनवाई नहीं
गर्मी शुरू हाेते ही मच्छर बढ़ जाते हैं। बारिश हाेने से जगह-जगह जलजमाव भी हुअा है। लाॅकडाउन में निगम के काफी सफाईकर्मी काम पर नहीं अा रहे हैं। रातू राेड क्षेत्र, इरगू टाेली, न्यू मधुकम, इन्द्रपुरी, हरमू काॅलाेनी, माेरहाबादी, डाेरंडा में राेड पर पानी जमा है या नालियों की सफाई नहीं हाे रही है। इससे मच्छर पनप रहे हैं।

40 वार्ड के करीब 200 लाेगाें से दैनिक भास्कर ने जानी सच्चाई
1. काेराेना के साथ मलेरिया-चिकनगुनिया का डर
2. एंटी मॉस्क्विटो क्वाइल व स्प्रे पर हो रहे लाखाें खर्च

हकीकत...फाॅगिंग का दावा, पर सिर्फ वीआईपी इलाके तक ही सीमित
नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा के अनुसार सेनिटाइजेशन के अलावा शहर में मच्छर मारने की दवा छिड़की जा रही है। लेकिन भास्कर ने जब सेनिटाइजेशन में लगे वाहन के चालकों से बात की तो पता चला कि पिछले एक माह से वे सिर्फ सेनिटाइजेशन ही कर रहे हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि बीच-बीच में सीएम आवास, राजभवन, मंत्री-विधायक, जज और कुछ अफसरों के कॉलोनी में दवा छिड़काव किया गया है।

इधर, सफाई का टेंडर रद्द और बढ़ेगी परेशानी

राजधानी को साफ अौर स्वच्छ रखने की योजना पर एक बार फिर ग्रहण लग गया है। इससे परेशानी और बढ़ेगी। इस बार सरकार बदलने के बाद शहर की सफाई भी फंस गई है। राजधानी के 53 वार्डों में स्थित करीब 2.50 लाख घरों से कूड़ा उठाने अौर उसे मिनी डंपिंग यार्ड तक पहुंचाने के लिए नगर निगम ने पिछले वर्ष भाजपा सरकार में ही टेंडर किया था। इसमें तिरूपति की एक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी एल-वन हुई थी। नगर आयुक्त ने कंपनी को वर्क ऑर्डर देने देने की अनुमति नगरीय निदेशालय से मांगी थी। लेकिन करीब पांच माह तक फाइल रोककर रखी गई। नई सरकार बनते ही निदेशालय ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत चयनित कंपनी का रेट अधिक होने का हवाला देते हुए टेंडर रद्द करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद नगर निगम ने टेंडर रद्द कर दिया। अब फिर नए सिरे से घरों से कूड़ा उठाने अौर उसे मिनी कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन तक पहुंचाने के लिए कंपनी का चयन किया जाएगा। निगम ने शनिवार को नया टेंडर जारी करके कंपनियों से प्रस्ताव मांगा है। इसके लिए 13 मई को प्री बिड मीटिंग होगी। 30 मई को टेक्नीकल बिड खुलेगा। इसमें सफल कंपनी का फायनेंशियल बिड खुलेगा।



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Terrorism of mosquitoes increases with full attention on defeating Caraina

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April 26, 2020 at 05:00AM

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